मिलीभगत से दौड़ रही सड़कों पर मौत
अमृतसर. ट्रक ने दो भाइयों को कुचला, ट्राली कार पर चढ़ी तीन की मौत, तेजरफ्तार ट्रक ने बाइक सवारों को कुचला और बच्चों से भरा स्कूली वाहन पलटा। ये ऐसी घटनाएं हैं, जो लगातार सुनने अखबारों की सुर्खियों में छाई रहती हैं। सड़क हादसे में एक व्यक्ति की मौत उस पर निर्भर परिवार के सभी सदस्यों को पल पल मरने के लिए मजबूर कर देती है।
पुलिस और डीटीओ कार्यालय के कर्मियों की नाक तले दिल दिहाड़े शहर में प्रवेश करने वाले भारी वाहनों पर क्या कभी रोक लग पाएगी? यह एक ऐसा सवाल है जिसका जवाब तब तक नहीं मिल सकता जब तक प्रशासन इसे गंभीरता से नहीं लेता। इन्हीं वाहन चालकों की लापरवाही से 7 दिनों में 13 लोगों की जानें चली गई जबकि इतने ही लोग गंभीर रूप से घायल हो चुके हैं।
बाइपास से शहर के भीतर ट्रक, टैंकर, ट्राली और घड़ुके जैसे भारी वाहनों पर सुबह आठ से रात नौ बजे तक पूर्ण रूप से पाबंदी है, लेकिन 30 से 15 फीट के लगभग चौड़ी शहर की सड़कों पर दिन के समय बसें, मिनी बस, कार, जीप, बाइक, आटो, स्कूली वाहन, साईकिल और पैडल रिक्शा जैसे सभी वाहन दिन चढ़ते ही दौड़ने लगते हैं।
समय के साथ साथ शहर में वाहनों की तो बढ़ौतरी हुई, लेकिन सड़कों की चौड़ाई वहीं की वहीं है। ऐसे में जब ट्रक, टैंकर और ट्रैक्टर ट्राली जैसे भारी वाहन तेजरफ्तारी से शहर में घुस आते हैं तो शहर में ट्रैफिक का जो हाल होता है वह छोटे वाहन चालक बाखूबी जानते हैं। इन वाहन चालकों को न तो नियमों की परवाह होती है न ही किसी की जान की। भारी वाहनों के शहर में प्रवेश की वजह से छोटे वाहन तो दूर, पैदल चलने वालों का चलना भी मुश्किल हो जाता है।
पूरा सिस्टम है जिम्मेदार
पाबंदी के बावजूद भारी वाहनों के शहर में प्रवेश के लिए कोई एक नहीं बल्कि पूरे का पूरा सिस्टम जिम्मेवार है। पुलिस के उच्चधिकारियों से लेकर आम जनता सब जानते हैं कि चौराहों और शहर के बाइपास पर तैनात पर कुछेक पुलिस मुलाजिम जहां बीस तीस रुपए के लालच में मौत रूपी भारी वाहनों को शहर में प्रवेश करने की इजाजत दे देते हैं, शहर के बीच तैनात कोई मुलाजिम भी उनके चालान काटने में दिलचस्पी नहीं दिखाता।
भारी वाहन चालकों को कई बार मैने खुद शहर में प्रवेश करते पकड़ा है। बाइपास से शहर में मौका देख घुस आते हैं। फिर भी भारी वाहनों के शहर में प्रवेश करने को गंभीरता से लिया जा रहा है। इस संबंध में मुलाजिमों की बैठक कर उन्हें सख्त हिदायतें भी जारी की जाएंगी। - सुरिंदर सिंह सिद्धू, एसपी ट्रैफिक










