ठंड ने दिखाए तेवर
भोपाल. आसमान खुलने के बाद अब ठंड के तेवर तीखे हो गए हैं। शुक्रवार को राजधानी सहित प्रदेश के कई स्थानों पर तापमान में करीब 5-6 डिग्री सेल्सियस की कमी दर्ज की गई। भोपाल, इंदौर, उज्जैन और ग्वालियर में गुरुवार की रात अब तक की सबसे ठंडी रात थी।
राजधानी में विगत दिनों 14 से 15 डिग्री सेल्सियस के बीच रहा न्यूनतम तापमान चौबीस घंटे में पांच डिग्री की गिरावट के साथ शुक्रवार को 10 डिग्री सेल्सियस पर आ गया। यह सामान्य से चार डिग्री सेल्सियस कम था। दिन का तापमान भी सामान्य से पांच डिग्री कम 24.4 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया।
लगभग यही हाल प्रदेश के बाकी शहरों का भी रहा। इंदौर में न्यूनतम तापमान 11.6 डिग्री सेल्सियस, उज्जैन में 10.4 डिग्री सेल्सियस रहा। दोनों ही जगह यह सामान्य से 6 डिग्री सेल्सियस कम था। ग्वालियर में न्यूनतम तापमान सबसे कम 9.6 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। मौसम वैज्ञानिक चौबीस घंटे में आसमान साफ रहने के साथ ही तापमान में कमी की यह स्थिति बने रहने की बात कह रहे हैं।
भोपाल में 68 साल पहले 30 नवंबर था सबसे ठंडा
नवंबर को ठंड का महीना माना जाता है। इसमें दिन के साथ रात के तापमान में कमी दर्ज की जाती है जो लोगों को ठिठुराने वाली होती है। इस माह का अधिकतम तापमान 25 से 33 डिग्री सेल्सियस के बीच तो न्यूनतम तापमान 16 से 10 डिग्री तक रहता है। विगत दस वर्षों की बात करें तो चार बार (चालू वर्ष मिलाकर) ऐसा हो चुका है जब न्यूनतम तापमान दस डिग्री सेल्सियस या इससे नीचे गया हो।
न्यूनतम तापमान में अब अगर अधिक गिरावट आई तो यह माह के सामान्य तापमान से कम होने के साथ ही लोगों को अधिक ठिठुराने वाला साबित होगा। इस माह में अब तक की सबसे ठंडी रात 30 नवंबर 1941 की मानी जाती है। उस रात तापमान 6.1 डिग्री सेल्सियस के न्यूनतम स्तर पर पहुंच गया था।










