...तो सुबह का आलम क्या होगा
भोपाल. विस में शुक्रवार को हास-परिहास के दौरान शेरो-शायरी भी पढ़ी गई। पंचायत एवं ग्रामीण विकास मंत्री गोपाल भार्गव ध्यानाकर्षण का जवाब दे रहे थे, कांग्रेस विधायक चौधरी राकेश सिंह चतुर्वेदी सवाल पूछ रहे थे। सीमेंट सप्लाई करने वालों में सौरभ तोमर, रामनिवास रावत आदि नाम लिए गए।
कांग्रेस विधायक रामनिवास रावत के समान नाम वाले व्यक्ति का जिक्र आने पर श्री चतुर्वेदी ने कहा कि व्यापार करते हैं तो दर्शाया है लाभ तो नहीं लिया। अध्यक्ष ईश्वरदास रोहाणी ने श्री भार्गव को इंगित कर चुटकी ली-मंत्री हैं लाभ लेने की कला जानते हैं। इस पर श्री भार्गव बोले- मेरे समय का मामला नहीं है, किसी और के समय का जवाब दे रहा हूं। श्री चतुर्वेदी ने कहा कि संस्कारधानी के नहीं हैं। अध्यक्ष बोले-हमारे संस्कार से सभी सुखी रहेंगे। श्री चतुर्वेदी ने कहा-हमारे परिवार के संस्कार अच्छे हैं।
आपका खून मीठा है
सदन में बात मलेरिया, डेंगू की चल रही थी। स्वास्थ्य मंत्री के अत्यंत विस्तृत उत्तर में जिक्र आया कि जबलपुर में मच्छरों को नियंत्रित करने दो करोड़ रुपए खर्च किए गए। कांग्रेस विधायक श्री रावत ने अध्यक्ष की ओर इंगित कर कहा-आप बताएं मच्छर नहीं रहे क्या जबलपुर में? इस पर अध्यक्ष बोले-आप ध्यानाकर्षण में केवल जबलपुर तक सीमित रहें तो मैं गवाही दूं। आरिफ अकील ने भी हस्तक्षेप करना चाहा तो अध्यक्ष बोले-आपकी तरफ भी मच्छर भेजता हूं। अकील ने कहा- यह मोहब्बत है या दुश्मनी। अध्यक्ष बोले- आपका खून मीठा है। श्री अकील ने शेर पढ़ा- रात है ऐसी मतवाली तो सुबह का आलम क्या होगा।










