Saturday, Nov 21st, 2009, 4:11 am [IST]  

danik bhaskarमेट्रो को मुफ्त मिलेंगे सरकारी भवन और जमीन

Bhaskar News

जयपुर. जयपुर के मेट्रो रेल मार्ग में आने वाली सभी अनुपयोगी सरकारी बिल्डिंग और खाली जमीनें जयपुर मेट्रो रेल कॉरपोरेशन (जेएमआरसी) को मुफ्त में सौंपी जाएंगी, ताकि वह इनका व्यावसायिक उपयोग कर सके। इसके साथ ही ट्रैक के सहारे आने वाली व्यावसायिक इमारतों की ऊंचाई बढ़ाने की छूट (पेड एफआर) दी जा सकेगी। इसके लिए संबंधित भवन मालिक को अतिरिक्त पैसा देना होगा।



नगरीय विकास विभाग ने जयपुर मेट्रो रेल कॉरपोरेशन कंपनी को चलाने और उसके लिए वित्तीय संसाधन जुटाने के लिए इस तरह का प्रस्ताव तैयार किया है। विभागीय प्रमुख सचिव जी.एस. संधू ने बताया कि मेट्रो के लिए उपकर (सेस) लगाने जैसी कोई बात नहीं है, लेकिन इस मेट्रो रूट का अधिकतम व्यावसायिक उपयोग कैसे किया जा सकता है, इस पर विचार चल रहा है। विभाग की ओर से जेएमआरसी को लालकोठी सब्जी मंडी के पास स्थित कामकाजी महिला छात्रावास का भवन पहले ही कार्यालय के लिए सौंपा जा चुका है।



संधू ने बताया कि मेट्रो परियोजना शुरू में कुछ समय तक घाटे में रहेगी। इसका भार राज्य सरकार और यात्रियों पर कम से कम पड़े, इसके लिए आय के विकल्पों पर विचार किया जा रहा है। विभाग की ओर से आय के संसाधन जुटाने के लिए कुछ और भी विकल्प सुझाए गए हैं। इन सुझावों को अगले सप्ताह वित्त विभाग के अधिकारियों के साथ बैठक करके अंतिम रूप दिया जाएगा।



सिंधीकैंप बस स्टैंड के अंदर बनेगा भूमिगत स्टेशन



मेट्रो के भूमिगत मार्ग का स्टेशन सिंधी कैंप बस स्टैंड की जमीन में अंडरग्राउंड बनेगा, जबकि एलीवेटेड रोड का स्टेशन सिंधी कैंप बस स्टैंड के सामने रोड पर ही बनेगा, इसकी एवज में रोडवेज ने नगरीय विकास विभाग से सीतापुरा स्थित इंडियन ऑयल कॉरपोरेशन के तेल डिपो की जमीन मांगी है। संधू ने बताया कि आईओसी डिपो की जमीन के लिए रोडवेज का औपचारिक प्रस्ताव आज ही मिला है। इस संबंध में जल्दी ही आईओसी के अधिकारियों के साथ बात की जाएगी।



इस तरह जुटाएंगे मेट्रो के लिए पैसा



* मेट्रो रूट्स पर पड़ने वाली अनुपयोगी सरकारी बिल्डिंग और खाली जमीन मेट्रो को सौंपी जाएंगी। जेएमआरसी इन्हें व्यावसायिक भवन के रूप में विकसित करके इनका उपयोग कर सकेगी।

* मेट्रो रूट्स के सहारे स्टेशनों के आसपास व्यावसायिक कॉम्पलेक्स बनाए जाएंगे। इन कॉम्पलेक्स में भी व्यावसायिक प्रतिष्ठान खुलवाए जा सकेंगे।

* स्टेशनों के आसपास पार्किग स्थल विकसित किए जाएंगे। इन पार्किग स्थलों का ठेका देकर इनसे भी आमदनी जुटाई जाएगी।

* मेट्रो रूट्स पर व्यावसायिक भवनों, पार्किग स्थलों और स्टेशन आदि पर विज्ञापन लगाने की छूट देकर भी पैसा लिया जा सकेगा।

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