Saturday, Nov 21st, 2009, 4:18 am [IST]  

danik bhaskarफार्म से पता चलेगा, कहां हैं ज्यादा शिक्षक

भास्कर न्यूज

जोधपुर. शिक्षा विभाग में शिक्षक समानीकरण का कार्य निकाय चुनाव के बाद शुरू होगा। इसके लिए शिक्षा विभाग ने शहरी क्षेत्र के प्रत्येक स्कूल से विद्यार्थियों की संख्या और शिक्षकों की सूची मांगी है। की किन स्कूलों में शिक्षक—छात्र अनुपात में ज्यादा है, इसका पता लगाने के लिए शिक्षा विभाग ने प्रत्येक स्कूल से विद्यार्थियों की संख्या और शिक्षकों की सूची मांगी है।



विद्यालयों की छात्र संख्या के अनुपात में शिक्षकों का समानीकरण करने के लिए शिक्षा विभाग ने एक प्रोफोर्मा तैयार किया है। इसमें शिक्षक, स्कूल का नाम, छात्र संख्या और संबंधित शिक्षक प्रतिनियुक्ति पर है अथवा मूल पद पर और वेतन कहां से उठाता है जैसी जानकारियां मांगी गई हैं।



वर्तमान में शहरी क्षेत्र में सरकारी प्राथमिक व उच्च प्राथमिक विद्यालयों की संख्या 230 के करीब है। इनमें शिक्षक समानीकरण करके छात्र अनुपात से ज्यादा शिक्षकों को शहरी क्षेत्र में रिक्त पद पर या ग्राम पंचायत में स्थानांतरित किया जाएगा।



ये है नियम



प्राथमिक विद्यालय में 50 छात्रों पर 2 अध्यापक तथा इसके बाद प्रति 50 छात्र एक अध्यापक होना चाहिए। ऐसे में प्राथमिक विद्यालय में न्यूनतम 2 अध्यापक होंगे तथा प्रत्येक 50 छात्रों पर एक अतिरिक्त शिक्षक की व्यवस्था होगी।



उच्च प्राथमिक विद्यालय में 200 छात्रों पर 1 प्रधानाध्यापक व 5 अध्यापक होने चाहिए।
किसी विद्यालय में एक से अधिक शारीरिक शिक्षक होने की स्थिति में उनमें से अत्यधिक ठहराव वाले पीटीआई को हटाना होगा।



ये रहेंगे समानीकरण से बाहर



विधवा व परित्यक्ता,जिनके रिटायरमेंट में 2 वर्ष शेष रहे हों, असाध्य रोगों से पीड़ित तथा विकलांग व दृष्टिहीन शिक्षकों को नहीं हटाया जाएगा।



परिवेदना के सात दिन मिलेंगे



अगर किसी शिक्षक को समानीकरण पर आपत्ति या उसकी कोई समस्या हो तो उसे समानीकरण के सात दिन के अंदर जिला शिक्षा अधिकारी के समक्ष परिवदेना प्रस्तुत करनी होगी। इस परिवेदना समिति में डीईओ प्रारंभिक अध्यक्ष, एडीईओ प्रारंभिक सदस्य सचिव, पंचायत समिति का बीईईओ समिति सदस्य होगा।

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