सीजे कोर्ट में हंगामा
जयपुर. भीलवाड़ा प्रकरण को लेकर आंदोलित वकीलों ने शुक्रवार को राजस्थान हाई कोर्ट के मुख्य न्यायाधीश जगदीश भल्ला के कक्ष में जमकर हंगामा मचाया और दो मामलों की पैरवी करने आए वकील अरुणोश्वर गुप्ता व अभिनव शर्मा के साथ धक्का-मुक्की की। उन्हें पुलिस सुरक्षा में निकाला गया और मुख्य न्यायाधीश को भी सुनवाई बीच में ही छोड़नी पड़ी। वकीलों ने मीडियाकर्मियों के साथ भी अभद्रता की।
वकीलों ने भीलवाड़ा में पुलिस प्रताड़ना के कारण एक वकील के आत्महत्या करने के विरोध में न्यायिक कार्य का बहिष्कार किया था। हाई कोर्ट में सुबह करीब 10.40 बजे मुख्य न्यायाधीश व न्यायाधीश मुनीश्वरनाथ भंडारी नगर निगम वार्ड आरक्षण मामले की सुनवाई कर रहे थे। उसी दौरान सैकड़ों वकील मुख्य न्यायाधीश के कोर्ट कक्ष के बाहर एकत्र होकर नारेबाजी करने लगे। कुछ वकील कोर्ट के दरवाजों की चिटकनियां खोलकर अंदर घुस गए और वकील अरुणोश्वर गुप्ता से मामले में पैरवी न करने के लिए कहा। वहीं माथुर आयोग मामले में अपनी बारी की प्रतीक्षा कर रहे दूसरे वकील अभिनव शर्मा से भी धक्का-मुक्की की।
बाद में माधवमित्र कोर्ट कक्ष में आए और उन्होंने मुख्य न्यायाधीश से माफी मांगी। उग्र वकील कोर्ट कक्ष के बाहर शोर मचाते रहे, तो गुप्ता को पुलिस कोर्ट कक्ष से बाहर ले गई। घटनाक्रम के दौरान हाई कोर्ट की सुरक्षा व्यवस्था में लगे पुलिसकर्मी स्थिति को नियंत्रित करने में नाकाम रहे। आधा घंटे देरी के बाद पुलिस के आला अफसर पुलिस टीम लेकर मौके पर पहुंचे, तब जाकर हालात काबू हुए। इस दौरान भी कुछ वकीलों ने नारेबाजी जारी रखी और अभिनव शर्मा के चैंबर में जाकर तोड़फोड़ कर दी। घटना की कवरेज कर रहे मीडियाकर्मियों के साथ भी वकीलों ने र्दुव्यवहार किया।
गुप्ता व शर्मा हाई कोर्ट बार से निष्कासित
न्यायिक कार्य के बहिष्कार के दौरान मामलों मंे पैरवी करने के कारण राजस्थान हाई कोर्ट बार एसोसिएशन ने अधिवक्ता अरुणोश्वर गुप्ता व अभिनव शर्मा को बार की प्राथमिक सदस्यता से निष्कासित कर दिया। यह निर्णय साधारण सभा की बैठक में लिया गया। बाद में अभिनव शर्मा ने निर्णय को दुर्भाग्यपूर्ण बताते हुए कहा कि बार को कम से कम उनको सुनवाई का अवसर तो देना चाहिए था।










