Saturday, Nov 21st, 2009, 4:26 am [IST]  

danik bhaskarएक ही दिन में 15 प्लॉट बीवी-बेटियों के नाम

वीरेंद्र तिवारी

indoreइंदौर. गृहनिर्माण सहकारी संस्थाओं में अपने पसीने की कमाई लगाकर आम इनसान भले ही जिंदगीभर प्लॉट मिलने की आस लगाए बैठा हो, लेकिन श्रीकांत घंटे जैसे लोगों को किस हद तक जमीन बटोरने का नशा चढ़ा था, इसकी बानगी रजिस्ट्रार ऑफिस से पता चलती है।



शासकीय वाहन चालक संस्था के मुखिया के रूप में श्रीकांत घंटे ने सदस्यों के आशियाने के सपनों को रौंदते हुए एक ही दिन में अपनी दो बेटियां, पत्नी और बहन के नाम 15 प्लॉट कर दिए। जिला पंजीयक कार्यालय के चार पन्नों में घोटाले और घंटे की मनमर्जी की इबारत दर्ज है।



‘भास्कर’ के पास घोटाले के पुख्ता सबूत मौजूद हैं। श्रीकांत घंटे ने संस्था का अध्यक्ष रहते हुए 26 मई 2006 को खजराना स्थित संस्था के श्रीपादनगर में पत्नी अलका, बेटियों मयूरी व योगिनी के साथ ही भतीजी नूतन पिता रामचंद्र घंटे के नाम 15 भूखण्ड की रजिस्ट्री कर दी थी।



कई नियमों को किया जमींदोज



गलत शपथ पत्र- संस्था या प्राधिकरण से भूखण्ड खरीदते समय शपथ पत्र देना होता है कि क्रेता या उसके संरक्षक के पास राज्य में किसी प्रकार का भूखण्ड नहीं है। लेकिन घंटे परिवार ने एक नहीं, चार झूठे शपथ पत्र प्रस्तुत कर प्लॉट ले लिए। झूठा शपथ पत्र देने पर धारा 120 बी के तहत षड्यंत्र और 420 धोखाधड़ी का अपराध बनता है। इसमें 6 माह से लेकर 6 साल तक की सजा का प्रावधान है।



परिवार में एक ही प्लॉट- सहकारी गृह निर्माण संस्था में पति-पत्नी दोनों सदस्य नहीं बन सकते। साथ ही उनके अवयस्क आश्रित भी सदस्यता नहीं ले सकते, लेकिन न सिर्फ पूरा घंटे परिवार सदस्य बना, बल्कि चार सदस्यों ने मिलकर संस्था के 15 प्लॉट भी कबाड़ लिए। जोकि सहकारिता उपविधि का स्पष्ट उल्लंघन है।



सूदन का होगा नाकरे, 5 तक भेजा जेल



करोड़ों का जमीन घोटाला करने वाले देवी अहिल्या श्रमिक कामगार सहकारी समिति के अध्यक्ष रणवीरसिंह मोहनसिंह सूदन को अदालत ने 5 दिसंबर तक न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया है। पुलिस ने उसका नाकरे टेस्ट कराने के लिए न्यायालय से अनुमति मांगी है।



यह पहला मौका है जब दागी गृहनिर्माण संस्थाओं के पकड़े गए आरोपियों में से किसी के लिए नाकरे टेस्ट की अनुमति मांगी गई है। इस पर सोमवार को फैसला होने की उम्मीद है। यदि पुलिस को अनुमति मिलती है तो भूमाफियाओं के लिए मुश्किल खड़ी हो सकती है।



सूदन की रिमांड अवधि खत्म होने पर शुक्रवार को उसे जिला न्यायाधीश के.सी. गर्ग की अदालत में पेश किया गया। अतिरिक्त लोक अभियोजक राघवेंद्रसिंह बैस ने न्यायालय से कहा कि सूदन रिमांड के दौरान पूछताछ में पुलिस को सहयोग नहीं कर रहा है, इसलिए इसे न्यायिक हिरासत में भेजा जाए। इस पर न्यायालय ने उसे जेल भेजने के आदेश दिए। उसे सेंट्रल जेल भेजा गया है।



इसी बीच श्री बैस ने न्यायालय में सूदन का नाकरे टेस्ट कराने के लिए आवेदन दिया। उसमें कहा गया कि इसने करोड़ों रुपए का लेन-देन किया है किंतु पुलिस को आवश्यक जानकारी नहीं दी। सूदन पुलिस को गुमराह करने की भी कोशिश कर रहा है, इसलिए सच्चाई का पता लगाने के लिए टेस्ट की अनुमति दी जाए। इस बारे में सोमवार को बहस होगी।




क्या है नाकरे टेस्ट की प्रक्रिया



पुलिस ने सूदन का नाकरे टेस्ट करवाने के लिए कोर्ट में आवेदन दिया है। पुलिस यदि यह सिद्ध कर दे कि आरोपी पूछताछ में सहयोग नहीं कर रहा है और कई गंभीर तथ्यों को छिपा रहा है, तो कोर्ट टेस्ट की अनुमति दे सकती है।



सिमी आतंकियों के बाद दूसरा केस



इससे पहले पुलिस ने पकड़े गए सिमी के 13 आतंकवादियों के नेता सफदर नागौरी, कमरुद्दीन, आमिल और रईस का नाकरे टेस्ट बेंगलुरू और अहमदाबाद में कराया था। सेहत पर कोई फर्क नही-मनोचिकित्सक डॉ. पाली रस्तोगी के अनुसार रासायनिक प्रक्रिया का असर खत्म होते ही व्यक्ति सामान्य अवस्था में आ जाता है। इससे शरीर को कोई नुकसान नहीं होता है।



कोर्ट में मान्यता नहीं



नाकरे टेस्ट की रिपोर्ट कोर्ट में मान्य नहीं होती है लेकिन पुलिस नाकरे के दौरान इतने तथ्य हासिल कर लेती है जिससे मुख्य आरोपियों के खिलाफ सबूत जुटाए जा सकें। क्या कैसे और कितने सवाल-पुलिस ने सूदन से पूछताछ के लिए सवालों का एक फार्मेट तैयार किया है।



पुलिस सूत्रों के मुताबिक पूछताछ में सूदन से करीब 100 सवाल किए गए थे जिनका कोई जवाब नहीं मिला था। ये ही सवाल नाकरे टेस्ट के दौरान पूछे जाएंगे। दो अन्य टेस्ट भी-इसके अलावा ब्रेन मेपिंग टेस्ट और लाईडिटेक्टर टेस्ट भी होते हैं जिसमें व्यक्ति के हावभाव और मानसिक क्रिया से सच-झूठ का पता लगाया जाता है।



क्या है नाकरे



इसमें थायो पेंटोन सोडियम डायलूट कर व्यक्तिके शरीर में पहुंचाया जाता है। इससे व्यक्ति का दिमाग पर से नियंत्रण कम हो जाता है। उस समय दिमाग में चल रही बातें व्यक्तिआसानी से बता देता है। जब तक केमिकल का असर रहता है तब तक पूछताछ होती रहती है।



सूदन का नाकरे क्यों?



देवी अहिल्या के अध्यक्ष सूदन का मोहरे के रूप में इस्तेमाल हुआ है। वह पुलिस को इस संबंध में कुछ भी नहीं बता रहा है। संदेह है कि वह कई ऐसी बातों का राजदार है जिससे मामले की तह तक पहुंचा जा सकता है।



कहां होगा



बेंगलरू, अहमदाबाद और चंडीगढ़ में से किसी एक स्थान पर।



तीन बड़े सवाल



किसको बेची जमीन किसके कहने पर बेची कहां गया पैसा।

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