शपथ-पत्र देकर मिल सकेगा प्रवेश
भोपाल. निजी व्यावसायिक कॉलेजों की मनमानी से परेशान हो रहे तकनीकी छात्रों को प्रवेश एवं फीस विनियामक समिति ने राहत दे दी है। प्रवेश निरस्त कराने वाले छात्रों को दस्तावेजों की फोटोकॉपी के साथ एक शपथ-पत्र देने पर काउंसिलिंग में शामिल किया जाएगा। प्रवेश कमेटी ने काउंसिलिंग प्राधिकरण को ऐसे छात्रों के शपथ-पत्र मान्य करने के निर्देश दिए हैं।
एनआरआई कोटे के अलावा कई अन्य छात्रों ने भी कॉलेजों द्वारा प्रमाण पत्र नहीं लौटाने की शिकायतें कमेटी में की हैं। मप्र हाईकोर्ट के निर्देश पर तकनीकी कॉलेजों की खाली सीटें भरने के लिए की जा रही विशेष काउंसिलिंग में शामिल होने का हर छात्र का हक मानते हुए आरजीपीवी ने छात्रों को पहले लिए प्रवेश निरस्त कराने का मौका दिया है, लेकिन कॉलेज संचालक अपने छात्रों को रोकने के लिए उन पर दबाव बना रहे हैं। इसके लिए छात्रों के प्रमाण-पत्र वापस करने से इनकार किया जा रहा है। छात्रों को प्रमाण-पत्रों के अभाव में काउंसिलिंग में शामिल हो पाना संभव नजर नहीं आ रहा। इस काउंसिलिंग में दोबारा भाग लेने के लिए 647 छात्रों ने प्रवेश निरस्त करा लिए हैं।
प्रवेश कमेटी ने तय किया है कि छात्रों को कॉलेज प्रबंधन के पास प्रमाण पत्र जमा होने की सूचना और प्रबंधन द्वारा वापस नहीं किए जाने की जानकारी एक शपथ पत्र पर देना होगी। इसके साथ प्रमाण पत्रों की फोटोकॉपी देने पर संबंधित छात्र को काउंसिलिंग में शामिल होकर अपनी पसंद के कॉलेज में प्रवेश लेने का मौका दिया जाएगा। कमेटी अधिकारियों का कहना है कि कानूनी तरीके से कॉलेज प्रबंधनों से दस्तावेज वापस लिए जाने तक छात्रों को नुकसान से बचाने यह रास्ता निकाला गया है।










