सेवानिवृत्त शिक्षक जांचेंगे कॉपियां
भोपाल. मूल्यांकनकर्ताओं की कमी से जूझ रहा माध्यमिक शिक्षा मंडल उत्तर पुस्तिकाओं का मूल्यांकन सेवानिवृत्त शिक्षकों से कराएगा। इनको बतौर पर्यवेक्षक परीक्षा कक्ष में भी तैनात किया जाएगा। परीक्षाओं की तैयारियों को लेकर गुरुवार को मंडल में हुई बैठक में यह निर्णय लिए गए हैं। सेवानिवृत्त शिक्षक सीबीएसई और स्कूल शिक्षा विभाग (दोनों) के हो सकते हैं।
मंडल अधिकारियों का मानना है कि परीक्षा कक्ष में ड्यूटी और उत्तर पुस्तिकाओं का मूल्यांकन गंभीरता से नहीं होता है, इसलिए पिछले साल मूल्यांकन के बाद उत्तर पुस्तिकाओं में हजारों गलतियां पाई गई हैं। इससे सबक लेते हुए मंडल नई व्यवस्था लागू कर रहा है। ये शिक्षक पर्यवेक्षक और मूल्यांकनकर्ता के रूप में काम तो करेंगे बशर्ते सेवानिवृत्ति को पांच साल से अधिक का समय न हुआ हो।
मंडल को उत्तर पुस्तिकाओं के मूल्यांकन में करीब 35 हजार शिक्षकों की जरूरत पड़ती है। इसके लिए सरकारी शिक्षक और संविदा शिक्षकों का रजिस्ट्रेशन कराया गया है लेकिन करीब 70 लाख कॉपियों की जांच के दौरान शिक्षकों की कमी पड़ जाती है। तब हड़बड़ी में गलतियां होती हैं।
संवेदनशील केंद्रों की सूची मंगाई
मंडल ने समस्त कलेक्टरों से संवेदनशील परीक्षा केंद्रों की सूची मंगाई है। इस बार संवेदनशील और अतिसंवेदनशील परीक्षा केंद्रों पर होमगार्ड के जवान भी तैनात किए जाएंगे। इसके अलावा ब्लैक लिस्टेड शिक्षकों को मूल्यांकन कार्य से बाहर रखा जाएगा। परीक्षा केंद्रों पर उसी स्कूल के प्राचार्य को केंद्राध्यक्ष और उप केंद्राध्यक्ष बनाया जाएगा जबकि पर्यवेक्षक दूसरे स्कूल के रहेंगे।
पांच साल पढ़ाने का अनुभव होने पर ही शिक्षक को पर्यवेक्षक बनाया जाएगा। परीक्षा केंद्रों पर उसी स्कूल के प्राचार्य को केंद्राध्यक्ष और उप केंद्राध्यक्ष बनाया जाएगा जबकि पर्यवेक्षक दूसरे स्कूल के रहेंगे। उसमें भी यह शर्त रहेगी कि पर्यवेक्षकों की अदला-बदली न हो। अलग-अलग स्कूल का मालिक एक होने पर वहां के स्टाफ को एक-दूसरे स्थान पर नहीं लगाया जाएगा।
परीक्षा की तैयारियां शुरू हो गई हैं। संवेदनशील परीक्षा केंद्रों पर होमगार्ड जवान लगाए जाएंगे। परीक्षा की तैयारी चुनाव की तरह की जा रही है। जिला स्तर पर कलेक्टर को सभी जिम्मेदारियां सौंपी जा रही हैं।
राकेश बंसल, अध्यक्ष, माशिमं










