मंत्री ने माना जमीन में हुआ घालमेल
रतलाम. रतलाम में सरकारी जमीनों की अफरा-तफरी की बात प्रदेश के राजस्व मंत्री करणसिंह वर्मा ने भी स्वीकार की है। उन्होंने कहा है कि कई जमीनें दूसरों के नाम चढ़ गई हैं। अनियमितताओं की जांच करवाकर जिम्मेदारों को बख्शा नहीं जाएगा। राजस्व मंत्री ने यह बात विधानसभा के शीतकालीन सत्र के दौरान शुक्रवार को नगर विधायक पारस सकलेचा द्वारा उठाए गए प्रश्न के जवाब में कही।
श्री सकलेचा द्वारा विधानसभा में रतलाम जिले में कारखाना संचालित करने के लिए सरकार द्वारा दी गई जमीनों की भू-माफियाओं और अधिकारियों द्वारा अफरा-तफरी करने का मामला उठाया था। करीब 300 करोड़ रुपए की जमीनों की अफरा-तफरी से जुड़े इस मामले पर राजस्व मंत्री करण¨सह वर्मा सदन में 10 मिनट तक बोले।
इसकी पुष्टि करते हुए विधायक श्री सकलेचा ने भास्कर को फोन पर बताया मंत्री श्री वर्मा ने आश्वस्त किया है कि वे सिर्फ रतलाम की सरकारी जमीनों की ही नहीं बल्कि पूरे प्रदेश के ऐसी अनियमितताओं की जांच होगी। उन्होंने इसके लिए 2 माह की समय सीमा भी निर्धारित की है। श्री वर्मा ने कहा है कि इस मामले में जरूरी हुआ तो हाई कोर्ट तो क्या सुप्रीम कोर्ट तक जाएंगे।
श्री सकलेचा के अनुसार विधानसभा में जिन जमीनों से जुड़ा मुद्दा उठाया गया है वे सभी रियासतकाल के दौरान तत्कालीन महाराजा ने कारखाना संचालित करने के लिए आवंटित की थी। जिन्हें जमीनें दी गई उन्होंने कारखाने बंद कर दिए। अधिकारियों व भू-माफियाओं के साथ मिलकर उन्हें निजी लोगों के नाम पर चढ़वा दिया।
जमीनों की खरीद-फरोख्त की शिकायत होने पर पांच सदस्यीय अधिकारियों का दल भी गठित हुआ था लेकिन कार्रवाई भी अनियमितता की भेंट चढ़ गई। श्री सकलेचा के प्रश्न पर 16 नवंबर को ध्यानाकर्षण सत्र में चर्चा होना थी किंतु दिवंगत को श्रद्धांजलि देने के बाद कार्रवाई स्थगित की गई थी।
सारी रात जागकर तैयार किया जवाब- मामला उठाने के बाद से ही अधिकारियों का सुख-चैन छिन गया था। दरअसल मध्यप्रदेश शासन के मुख्य सचिव और राजस्व विभाग के प्रमुख सचिव द्वारा जवाब तलब किया जाना है। विधानसभा द्वारा जवाब तलब करने से एक दिन पहले पूरी रात जिला प्रशासन के आला अधिकारी दफ्तर में डटे रहे।
जमीनें जिनकी होगी जांच
बर्फ कारखाने की सर्वे क्रमांक 122-123 की भूमि। जहांगीर ऑइल मिल की सर्वे क्रमांक 86 की भूमि। गुलमोहर कॉलोनी एस्ट्रा बोर्ड की सर्वे क्रमांक 319 की भूमि। हड्डी कारखाना सर्वे क्रमांक 19 की भूमि। चीनी मिल सर्वे क्रमांक 20 की भूमि। सज्जन मिल सर्वे क्रमांक 44 की भूमि। महलवाड़ा जीवाजी राव शुगर मिल की सर्वे क्रमांक 43/1131 की भूमि।










