Saturday, Nov 21st, 2009, 6:25 am [IST]  

danik bhaskarकोड़ा मामले से रिजर्व बैंक ने लिया सबक

संजय मिश्र

नई दिल्ली. झारखंड के पूर्व मुख्यमंत्री मधु कोड़ा के मामले से सबक लेते हुए रिजर्व बैंक ने देश के सार्वजनिक व निजी क्षेत्रों के बैंकों को संदिग्ध खातों की तमाम जानकारी एक सप्ताह के अंदर केंद्र सरकार के वित्तीय गुप्तचर इकाई को उपलब्ध कराने के निर्देश दिए हैं।



साथ ही संदिग्ध खातों के सभी रिकॉर्ड को कम से कम दस साल तक सुरक्षित रखने की जिम्मेवारी भी अब बैंकों के हवाले कर दी गई है। वित्त मंत्रालय के सूत्रों के अनुसार, रिजर्व बैंक समेत वित्तीय लेन-देन पर नजर रखने वाली तमाम संस्थाओं को कोड़ा के मामले में तगड़ा झटका लगा है।



कोड़ा मामले में जांच शुरू होने के बाद यह पता चला कि कोड़ा के साथी मनोज पूनामिया ने एक ही दिन यूनियन बैंक के मुंबई स्थित जवेरी ब्रांच में 640 करोड़ रुपए जमा कराए। बैंक ने भी इस जमा राशि के बारे में संबंधित एजेंसियों को रूटीन में यह जानकारी उपलब्ध करा दी थी।



मगर, यह राशि कहां से आई और काला धन तो नहीं है, इसके बारे में किसी एजेंसी ने पूछताछ नहीं की। रिजर्व बैंक ने 9 नवंबर को काले धन के मामले में जारी नई अधिसूचना में यह स्पष्ट किया है कि किसी भी ग्राहक के खातों में चल रहे संदिग्ध वित्तीय गतिविधियों की जानकारी बैंकों को एक सप्ताह के अंदर ही वित्तीय गुप्तचर यूनिट (एफआईयू) को उपलब्ध करानी है।



केंद्रीय बैंक ने यह भी निर्देश दिए हैं कि यह जानकारी बैंकों लिखित और इलेक्ट्रानिक सूचनाएं दोनों के जरिए एजेंसी को उपलब्ध करानी होगी। यह जानकारी उपलब्ध कराने की पूरी जिम्मेदारी बैंक के शाखाओं के अधिकारियों-कर्मचारियों की होगी।



जानकारी छुपाई तो जेल जा सकते हैं बैंक अधिकारी



रिजर्व बैंक की नई अधिसूचना के मुताबिक संदिग्ध खातों की जानकारी समय पर उपलब्ध कराने पर संबंधित बैंक के अधिकारियों के खिलाफ मामला दर्ज हो सकता है। साथ ही उनकी गिरफ्तारी भी हो सकती है। वित्त मंत्रालय के सूत्रों के अनुसार काले धन का आतंकवाद में बढ़ते इस्तेमाल को रोकने के लिए ही मनी लांडरिंग एक्ट में संशोधन किया गया है। इस संशोधन के मुताबिक अब बैंकों को व्यक्तिगत खातों के अलावा संस्थागत खातों, यहां तक की एनजीओ के खातों में होने वाली संदिग्ध लेन-देन पर नजर रखनी होगी और इसकी जानकारी समय-समय पर उपलब्ध कराने की जिम्मेदारी बैंक की होगी।

  share
apne vichaar
post a comment
name:
email:
select your language:     Hindi Roman     Hindi Phonetic     English
comment:
code: