Saturday, Nov 21st, 2009, 6:31 am [IST]  

danik bhaskarमनमोहन-ओबामा के बीच आतंकवाद होगा मुद्दा

Bhaskar News

नई दिल्ली. प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह की अमेरिका यात्रा के दौरान पाकिस्तान की आंतरिक स्थिति और वहां सक्रिय आतंकवादी संगठनों का मुद्दा प्रमुख रूप से उभरने की संभावना है। दोनों देशों के बीच रणनीतिक सहयोग, ऊर्जा, जलवायु परिवर्तन, अर्थव्यवस्था, कारोबार, शिक्षा व विज्ञान-प्रौद्योगिकी पर विस्तृत चर्चा की उम्मीद है।



दोनों देश आतंकवाद समेत कई मुद्दों से संबंधित समझौतों पर हस्ताक्षर भी कर सकते हैं। प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह शनिवार को अमेरिका की यात्रा पर रवाना हो रहे हैं। प्रधानमंत्री के साथ उनकी पत्नी गुरशरण कौर और एक विशेष प्रतिनिधिमंडल भी होगा।



स्टेट डिनर 24 नवंबर को : प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह और उनकी पत्नी २४ नवंबर को व्हाइट हाउस में आयोजित राजकीय रात्रिभोज में शिरकत करेंगे। उनके स्वागत के लिए अमेरिकी राष्ट्रपति बराक ओबामा व प्रथम महिला मिशेल ओबामा मौजूद होंगे। ओबामा प्रशासन द्वारा किसी भी नेता के सम्मान में आयोजित यह पहला राजकीय रत्रिभोज है, जो भारत-अमेरिका के रिश्तों की मजबूती दर्शाता है। साथ ही दिखाता है कि राष्ट्रपति बराक ओबामा निजी तौर पर मनमोहन से किस तरह प्रभावित हैं।



दिग्गजों का जमावड़ा : रात्रिभोज के दौरान अमेरिका की कई नामी हस्तियां भी मौजूद होंगी, जो प्रधानमंत्री से मुलाकात करेंगी। शाम को व्हाइट हाउस में प्रधानमंत्री का औपचारिक स्वागत किया जाएगा। मनमोहन और ओबामा एक संयुक्त प्रेस वार्ता भी संबोधित करेंगे। दोनों नेताओं के बीच वैश्विक सुरक्षा व आतंकवाद सहित कई मुद्दों पर चर्चा हो सकती है। भारतीय प्रतिनिधिमंडल 26/11 हमलों के दोषियों को सजा दिलाने में पाक नेताओं के रवैए के प्रति अमेरिका का ध्यान खींचने का प्रयास भी करेगा।



उपराष्ट्रपति संग लंच: अमेरिका के उपराष्ट्रपति जो बिडेन और वहां की विदेश मंत्री हिलेरी क्लिंटन प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह के सम्मान में लंच आयोजित करेंगे। प्रधानमंत्री ‘काउंसिल फॉर फॉरेन रिलेशंस’ को भी संबोधित करेंगे और इसके बाद वहां बसे भारतीय समुदाय से मुलाकात करेंगे।



26 नवंबर को प्रधानमंत्री राष्ट्रमंडल देशों के प्रमुखों के सम्मेलन में शिरकत करने के लिए पोर्ट ऑफ स्पेन रवाना होंगे। प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह दूसरी बार अमेरिका के राजकीय अतिथि बन रहे हैं। इससे पहले जॉर्ज बुश ने भी उन्हें यह दर्जा दिया था।

  share
apne vichaar
post a comment
name:
email:
select your language:     Hindi Roman     Hindi Phonetic     English
comment:
code: