ठिठुराने लगी सर्द हवाएं
बिलासपुर. बादल छंटते ही ठंड ने तेवर दिखाने शुरू कर दिए हैं। सर्द हवाओं के कारण रात ही नहीं दिन में भी ठिुठरन महसूस हो रही है। लोग गर्म कपड़ों में लिपटे नजर आ रहे हैं। उत्तरी छत्तीसगढ़ शीतलहर की चपेट में हैं, जिसमें बिलासपुर भी शामिल है।
अरब सागर में उठे चक्रवात के असर से बारिश में सराबोर होने के बाद शहर अब ठंड से कंपकंपा रहा है। दो-तीन दिन बारिश के कारण पूरे शहर में पानी और कीचड़ नजर आ रहा था। बादल छंटने के बाद मौसम भी बदल गया है। सर्द हवा के कारण रात ही नहीं, दिन में भी ठंड महसूस हो रही है।
सुबह की गुनगुनी धूप सुहानी लगने लगी है। लोग मार्निग वाक करते और धूप सेंकते नजर आने लगे हैं। शाम होने के बाद गर्म कपड़ों बिना निकलने पर हवा चुभती सी महसूस होती है। रात को अधिकतर लोग स्वेटर, जैकेट और टोपी पहने नजर आ रहे हैं। मौसम बदलने की मुख्य वजह हवा के रुख में परिवर्तन को बताया जा रहा है। मौसम विशेषज्ञ जेके इंगले ने बताया कि हवा की दिशा उत्तरी हो गई है।
हिमालय की ओर से आ रही शुष्क, बर्फीली हवा के कारण पारा गिर रहा है, जिससे प्रदेश के कई हिस्सों में शीतलहर की स्थिति है। तापमान सामान्य से 5 डिग्री नीचे चला गया है। बिलासपुर में न्यूनतम तापमान 10 डिग्री के आसपास है। उन्होंने बताया कि ठंड और बढ़ने के आसार हैं।
रबी के लिए लाभदायक: तेज ठंड को रबी फसल के लिए लाभदायक माना जाता है। गेहूं, चना, तिवरा, अरहर, तिल आदि फसल ठंड में तेजी से पनपती हैं। रात को गिरने वाली ओस और दिन का कम तापमान फसल के बढ़ने में मददगार हैं।
रात को जल्द सूनी होने लगीं सड़कें: ठंड बढ़ने के कारण रात को लोग कम ही निकल रहे हैं। रात 9-10 बजे के बाद तो सड़कों पर चहल-पहल बहुत कम हो गई है। रात को टहलने-घूमने वाले नजर नहीं आ रहे हैं।










