रेल सेवा अस्त-व्यस्त
बिलासपुर. नक्सलियों द्वारा पटरी पर ब्लास्ट किए जाने से दुर्घटनाग्रस्त हुई टाटा-बिलासपुर पैसेंजर में एक महिला यात्री की मौत हुई है, वहीं 25 यात्री घायल हुए हैं। मृतका की शिनाख्ती नहीं हो सकी है। घटना के बाद से मुंबई-हावड़ा मुख्य मार्ग पर रेल यातायात 19 घंटे ठप रहा। इसके चलते इस रूट की ट्रेनों को परिवर्तित मार्ग से रवाना किया गया।
नतीजतन ट्रेनें 10 से 12 घंटे लेट से चल रही हैं। नक्सली झारखंड में चुनाव का विरोध कर रहे हैं। इसके लिए शुक्रवार को राज्य बंद का आह्वान किया गया था। नक्सलियों ने बंद को सफल बनाने के लिए दहशतगर्दी का सहारा लिया। बंद से पहले गुरुवार की रात हावड़ा-मुंबई रूट पर चक्रधरपुर मंडल के पोसैता और मनोहरपुर मंडल के बीच डाउन लाइन को लैंडमाइंस से उड़ा दिया गया।
नक्सलियों के निशाने पर गीतांजलि एक्सप्रेस थी। इसी ट्रेन को दुर्घटनाग्रस्त करने के लिए डाउन लाइन को उड़ाया गया था। इधर गीतांजलि एक्सप्रेस घटनास्थल से आधे घंटे पहले ही गुजर चुकी थी।
इस ट्रेन के पीछे-पीछे आ रही 321 टाटा-बिलासपुर पैसेंजर क्षतिग्रस्त पटरी की चपेट में आ गई। दो स्लीपर, छह जनरल और दो एसएलआर सहित 10 बोगियों वाले टाटा पैसेंजर के 8 डिब्बे पटरी से उतर गए। घटना में इंजन के बाद लगे एसएलआर और दो स्लीपर कोच पटरी से उतर गए, लेकिन इसके पीछे वाले 3 जनरल कोच अलग-थलग होकर उलट गए।
यही तीन बोगियों के सवारियों को ज्यादा चोटें आई हैं। आखरी के दो डिब्बे पटरी पर ही खड़े रहे। रात 9:20 बजे घटी घटना के बाद रेल प्रशासन में हड़कंप मच गया। एसईसीआर के अधिकारी जहां अन्य ट्रेनों को कंट्रोल करने में जुटे, वहीं चक्रधरपुर मंडल से रिलीफ ट्रेन रवाना की गई। रिलीफ ट्रेन से 26 घायलों को राउरकेला लाया गया।
बहरहाल घटना के कारण मुंबई हावड़ा रूट की ट्रेनों को व्हाया राउरकेला, हटिया, टाटा मार्ग से गंतव्य की ओर रवाना किया गया है। इसके कारण अप लाइन की आजादहिंद, मेल, समरस्ता सहित लगभग ट्रेनें 10 से 12 घंटे लेट से चल रही हैं। एसईसीआर ने डाउन लाइन को शुक्रवार की शाम 4 बजे और अप लाइन को रात 8 बजे दुरुस्त करने की पुष्टि की है।










