75 करोड़ की बिजली मुफ्त में
ग्वालियर. रीजन में हर माह 75 करोड़ रुपये की बिजली चोरी में निकल जाती है। बिजली कंपनी रीजन के आठ जिलों को 105 करोड़ रुपए की बिजली (निम्न दाब) की सप्लाई प्रतिमाह करती है, लेकिन बिलिंग 30 करोड़ रुपये की ही हो पाती है। जांच व छापे मारने के बाद भी घाटा कम नहीं होने से चिंतित कंपनी अब लाइन स्तर पर तकनीकी उपाय करने में जुटी हुई है।
इन उपायों में एलटी लेस ट्रान्सफार्मर की स्थापना भी शामिल है। ग्वालियर रीजन के सभी आठ जिलों में निम्नदाब उपभोक्ताओं की संख्या 7 लाख 85 हजार है और इन उपभोक्ताओं को सुचारु विद्युत आपूर्ति व्यवस्था के तहत प्रत्येक माह 35 करोड़ यूनिट बिजली की सप्लाई दी जाती है। सूत्रों के मुताबिक, इन उपभोक्ताओं से कम से कम यदि तीन रुपए प्रति यूनिट भी वसूली आए तो एक सौ पांच करोड़ रुपए की वसूली प्रत्येक माह आनी चाहिए, लेकिन ऐसा नहीं होता।
ग्वालियर रीजन के इन उपभोक्ताओं के लिए होने वाली बिलिंग का आंकड़ा तीस करोड़ के पार नहीं कर पाता। स्पष्ट है कि कंपनी को 75 करोड़ रुपये की क्षति हर माह उठानी पड़ रही है, इतनी राशि की बिजली चोरी चली जाती है।
स्टाफ भी है जिम्मेदार: कंपनी को हो रहे इस नुकसान के पीछे अधिकारिक सूत्र सबसे बड़ा कारण स्थानीय स्टाफ को मानकर चल रहे हैं। कारण यह कि रीजन में उपभोक्ताओं की संख्या काफी कम है और विद्युत आपूर्ति अधिक। रीजन में निम्न दाब के उपभोक्ताओं की संख्या सात लाख 85 हजार है जो आबादी के मान से बेहद कम है। अधिकारियों का मानना है कि रीजन में करीब चार लाख कनेक्शन और बढ़ने चाहिए, लेकिन स्थानीय अधिकारी व कर्मचारी अपने क्षेत्रों में नवीन विद्युत कनेक्शन बढ़ाने के लिए प्रयास नहीं कर रहे।
प्री-पेड मीटर भी विकल्प
ग्वालियर रीजन में हो रहे इस लॉस से भोपाल तक में बैठे अधिकारियों में चिंता व्याप्त है और कंपनी प्रबंधन इस लॉस को कम करने के उपाय खोजने में जुटा हुआ है। सूत्रों के मुताबिक, इसके लिए कंपनी को सबसे अच्छा उपाय प्री-पेड मीटर लगाया जाना और एलटी लेस ट्रांसफार्मरों की स्थापना दिख रहा है। इसमें से एलटी लेस ट्रांसफार्मर लगाए जाने का काम तो कई जगह चल रहा है, लेकिन प्री-पेड मीटर सिस्टम फिलहाल दूर की कौड़ी है।
उच्च्दाब को लेकर अधिकारी निश्चिंत
ग्वालियर रीजन में अधिकारी उच्चदाब कनेक्शन वाले उपभोक्ताओं से मिलने वाले राजस्व को लेकर संतुष्ट हैं। जानकारी के मुताबिक, रीजन में उच्चदाब के करीब 342 उपभोक्ता हैं जिनसे प्रत्येक माह बिजली कंपनी को 25 से 27 करोड़ रुपए का राजस्व प्राप्त होता है।
हानि को कम करने के प्रयास
ग्वालियर रीजन में बिजली चोरी बहुत अधिक है। वितरण एवं पारेषण हानि को कम करने के लिए प्रयास किए जा रहे हैं और जल्द ही इस नुकसान पर काबू पा लिया जाएगा। - संजय शुक्ल, सीएमडी, मप्र मध्य क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी










