रुपए देकर आसानी से बढ़ जाते हैं नंबर
ग्वालियर. अगर परीक्षा में आपके कम नंबर आए हैं और जीवाजी यूनिवर्सिटी के छात्र हैं, तो रुपए देकर आसानी से अपना नंबर बढ़वा सकते हैं। जी हां! जैसे ही रुपए का लेनदेन होगा, वैसे ही छात्र को अंक बढ़ाकर छात्र को डुप्लीकेट मार्कशीट में मिल जाएंगी। ऐसा ही एक मामला जेयू में पकड़ा गया है। यहां के दो कर्मचारियों ने डबरा के एक छात्र को पास कराने के लिए गोपनीय विभाग के रजिस्टर (रिजल्ट) में हेराफेरी कर अंक बढ़ा दिए।
अब इस मामले में जांच के लिए एक कमेटी बनाई गई है। मामला डबरा के एक शासकीय कालेज का है। वर्ष 2007 में बीए द्वितीय वर्ष की परीक्षा उत्तीर्ण करने वाले हरीशंकर ने डुप्लीकेट मार्कशीट के लिए फीस जमा की थी। छात्र का रोल नम्बर 45728 बताया गया है। कर्मचारियों ने गुपचुप तरीके से गोपनीय के रजिस्टर में समाजशास्त्र के नम्बर 14 से 17 व इतिहास में 22 से 25 कर दिए।
इसके बाद कर्मचारी परीक्षा विभाग में पहुंचा और डुप्लीकेट मार्कशीट जल्दी बनाकर देने की जिद करने लगा। जानकारी के मुताबिक परीक्षा विभाग में बीए द्वितीय वर्ष का काम देख रहे कर्मचारी ने गोपनीय का रजिस्टर देखा तो उसमें ताजा स्याही से दो विषयों के नम्बर बढ़े मिले।
उसने अपने यहां के रजिस्टर से उक्त रोल नम्बर का मिलान किया, तो कर्मचारी की आंखें खुली की खुली रह गईं। परीक्षा विभाग के रजिस्टर में छात्र फेल था। इसकी सूचना अधिकारियों को लगी और मामला तूल पकड़ गया। इसे कुलपति डा. किदवई के पास पहुंचा दिया है। ऐसा बताया जा रहा है कि इस मामले में शामिल कर्मचारी, जेयू के एक अधिकारी का रिश्तेदार है।
तीन सदस्यीय कमेटी बनी
कुलपति ने मामले की सत्यता को जानने के लिए एक जांच कमेटी बना दी है। कमेटी में सहायक कुलसचिव राजीव मिश्रा, शिक्षक शांतिदेव सिसौदिया व रामविलास गौड़ को शामिल किया गया है। कुलपति ने कमेटी को तीन दिन में जांच कर रिपोर्ट पेश करने के निर्देश दिए हैं।










