दुनिया देखती रहेंगी अजय गौड़ की आंखें
गोहाना. गांव सिंकदरपुर माजरा के साढे 11 वर्षीय अजय गौड़ ने गुरुवार रात ब्रेन टच्यूमर के चलते दम तोड़ दिया। किंतु रूढ़ियों के खिलाफ आहुति की जंग में शामिल होते हुए गौड़ परिवार ने अजय के नेत्र दान करवा दिए जिससे अजय का नाम क्षेत्र के सबसे कम उम्र के नेत्रदाता के रूप में दर्ज हो गया।
सिकंदरपुर गांव के कृषक बलराम गौड़ के छोटे पुत्र साढे 11 वर्षीय अजय गौड़ को ब्रेन टच्यूमर होने का पता करीब सवा साल पहले चला। उसके बाद पीजीआई रोहतक से इलाज व ऑप्रेशन के बावजूद होनी का नहीं टाला जा सका। गुरुवार रात करीब 9 बजे अजय गौड़ काल का ग्रास बन गया।
अजय गौड की यादों को जीवंत रखने के लिए बलराम गौड़ ने पत्नी संतोष से सलाह करते हुए अजय के नेत्रदान कराने के लिए अपने चचेरे भाई डा.बंसीराम गौड़ के माध्यम से आहुति के समक्ष नेत्रदान की इच्छा प्रकट की।
आहुति के निमंत्रण पर दिल्ली के वेणू आई बैंक की डा.प्रतिभा गुप्ता व तकनीशियन सुंदर की टीम ने गांव में पहुंच कर नेत्रदान की प्रक्रिया पूर्ण कराई। नेत्रदान में आहुति सन्नी निरंकारी, सुरेंद्र विश्वास, संजय मंगल व सुनील जिंदल ने विशेष सहयोग दिया।










