बिना मान्यता के चल रहे हैं बीएड कालेज
ग्वालियर. बिना मान्यता वाले बीएड कालेज भी स्क्रूटिनी कमेटी की पकड़ में आए हैं। इसके अलावा ऐसे फार्म भी मिले हैं, जिनमें छात्रों के 50 प्रतिशत अंक तक नहीं है और उन्हें प्रवेश दे दिया गया है। जीवाजी यूनिवर्सिटी की स्क्रूटिनी कमेटी ने शुक्रवार को सभी फार्मो की जांच पूरी कर जेयू प्रशासन को उच्चतम न्यायालय के निर्देश पर परीक्षा कराने की सलाह अवश्य दे दी है।
जेयू की कार्यपरिषद ने बीएड कालेजों के परीक्षा फार्मो की जांच के लिए एक स्क्रूटिनी कमेटी बनाई थी। आठ सदस्यीय कमेटी ने 11 नवम्बर से फार्मो की जांच शुरू की। शुक्रवार को सभी 77 कालेजों के फार्मो की जांच को पूरा कर लिया गया है। समिति के सदस्यों ने सभी कालेजों की एक-एक पेज की रिपोर्ट तैयार कर ली है। रिपोर्ट को मौखिक तौर पर प्रशासनिक अधिकारियों को बता दिया है।
कमेटी के एक सदस्य ने नाम न छापने पर बताया कि रिपोर्ट में 35 फीसदी कालेज ऐसे पकड़ में आए हैं, जिनमें काफी गड़बड़ियां है। इनमें से कुछ कालेजों के पास एनसीटीई, राज्य शासन की मान्यता व जेयू की संबंद्धता तक नहीं हैं। दस प्रतिशत फार्म ऐसे मिले हैं, जिनमें परीक्षार्थियों अंक सूचियों में खामियां हैं। अधिकांश कालेजों ने नियम 25-75 का पालन नहीं करते हुए प्रदेश के बाहर के छात्र-छात्राओं को प्रवेश दे दिया है।
कई छात्राओं के पास आर्हता तक नहीं है और कालेज संचालकों ने परीक्षा फार्म भरवा दिए हैं। शाम को पूरी जांच के बाद रिपोर्ट तैयार कर ली गई है। जेयू के प्रशासनिक अधिकारियों को रिपोर्ट के बारे में बता दिया गया है। साथ ही यह भी कहा है कि जेयू, सुप्रीम कोर्ट के आदेश के मुताबिक परीक्षा कराए।
परीक्षा कराने के लिए छात्रों को दस दिन का समय अवश्य दिया जाए। स्क्रूटिनी के वक्त कमेटी के डा. डीसी तिवारी, डा. अशोक शर्मा, डा. केशव सिंह गुर्जर, कार्यपरिषद सदस्य दशरथ सिंह गुर्जर, सत्यपाल सिंह सिकरवार, मनेन्द्र सिंह सोलंकी उपस्थित रहे।










