पहले श्रमिक, फिर लेनदार
भीलवाड़ा. मेवाड़ टेक्सटाइल मिल्स (एमटीएम) की प्रस्तावित नीलामी के बाद श्रमिकों के बकाया वेतन मामले को प्राथमिकता मिलेगी। बकाया वसूली प्राधिकरण (डीआरटी) द्वारा जारी प्रपत्रों के अनुसार मजदूरों का बकाया वेतन चुकाने के बाद ही बैंक व अन्य लेनदारियां चुकाई जाएगी।
बताया गया कि मिल के करीब एक हजार 200 श्रमिकों का लगभग 8.54 करोड़ व दी बैंक ऑफ राजस्थान का लगभग 6.5 करोड़ रुपए बकाया है। शहर के दो अन्य बैंक लेनदारों में यूनियन बैंक ऑफ इंडिया व ऑरियंटल बैंक ऑफ कॉमर्स है। इनके अलावा लेनदारों में इंडस्ट्रियल इनवेस्टमेंट बैंक ऑफ इंडिया, कोलकता, इंडस्ट्रियल डवलपमेंट बैंक ऑफ इंडिया मुंबई, इंडस्ट्रियल फाइनेंशियल कॉरपरेरेशन ऑफ इंडिया जयपुर, इंडस्ट्रियल क्रेडिट एंड इनवेस्टमेंट कॉरपरेरेशन ऑफ इंडिया मुंबई व कुछ अन्य व्यापारी शामिल है।
डीआरटी ने सभी लेनदारों की सूची तैयार कर ली है। हालांकि इसे अभी सार्वजनिक नहीं किया गया है। बताया गया कि बकायात चुकाने के बाद शेष राशि को मिल के शेयर होल्डर्स में वितरित किया जाएगा। कुल शेयर में 38-38 प्रतिशत हिस्सा राज्य सरकार व वर्कर्स सोसायटी का तथा शेष प्रमोटर व पब्लिक का हिस्सा है। गौरतलब है कि नीलामी के लिए आरक्षित दर 100 करोड़ रुपए तय की गई है। नीलामी में भाग लेने के लिए सिक्युरिटी के लिए पांच करोड़ रुपए जमा करवाने होंगे।










