ऑब्जर्वर नहीं मानते गड़बड़
अजमेर. एमडीएस विश्वविद्यालय की इंटर कॉलेज टेनिस प्रतियोगिता में डीएवी के जिस खिलाड़ी का मामला विवादित हुआ, उससे चैंपियनशिप के पर्यवेक्षक इनकार करते हैं। चैंपियनशिप ऑब्जर्वर का दावा है कि आयोजक राजकीय महाविद्यालय को दयानंद कॉलेज ने दो खिलाड़ियों का एलीजीबिलिटी प्रोफोर्मा भेजा था।
दयानंद कॉलेज के दूसरे खिलाड़ी आशीष कुमार ने भी शुक्रवार को कॉलेज प्राचार्य को स्पष्टीकरण सौंपते हुए मेजबान कॉलेज के प्राध्यापकों पर हनूत भाटी के खेलने के लिए दबाव डालने का आरोप लगाया। कॉलेज प्रशासन के पास अब सिर्फ कॉलेज पीटीआई का स्पष्टीकरण आना शेष है।
यह था विवाद
एमडीएस विवि की 18 से 20 नवंबर तक राजकीय महाविद्यालय अजमेर की मेजबानी में खेली गई इंटर कॉलेज टेनिस (पुरुष) प्रतियोगिता दयानंद कॉलेज की टीम में कथित रूप से बदलाव किए जाने के बाद विवादित हो गई थी। दयानंद कॉलेज प्रशासन का कहना है कि उन्होंने आशीष कुमार को ही ‘ट्रायल्स’ के लिए भेजा था। आयोजकों ने डीएवी के छात्र हनूत सिंह भाटी को जबरन प्रतियोगिता में शामिल किया।
..लेकिन ऐसा नहीं : ऑब्जर्वर अजय शर्मा दयानंद कॉलेज द्वारा ही दो खिलाड़ियों के नाम भेजने का दावा कर रहे हैं। शर्मा ने कहा कि टीमों के दस्तावेजों की जांच की गई थी, जो सही हैं। दयानंद कॉलेज के प्रोफोर्मा में दो खिलाड़ियों के नाम थे जिस पर प्राचार्य और क्रीड़ा अधिकारी के हस्ताक्षर हैं।
जबकि ‘भास्कर’ के पास उपलब्ध दस्तावेजों में दयानंद कॉलेज द्वारा भेजे गए एलीजीबिलिटी प्रोफोर्मा में केवल एक खिलाड़ी के नाम है। डीएवी की ‘टीम’ विवादित होने के सवाल पर शर्मा का कहना था कि दो खिलाड़ी होने से टीम अधूरी नहीं मानी जाएगी।
जबरन बुलाने का आरोप
मामला विवादित होने पर दयानंद कॉलेज के प्राचार्य एचएन सक्सेना के निर्देश पर हनूत भाटी ने लिखित स्पष्टीकरण में जीसीए के प्राध्यापकों पर उसे जबरन बुलाने और मूल दस्तावेजों का दुरुपयोग करने का आरोप लगाते हुए नहीं खेलना बताया है। आशीष ने भी भाटी के ही लिखित बयान की पुष्टि की है।
दस्तावेज जांचे थे। डीएवी कॉलेज के प्रोफोर्मा में दो खिलाड़ियों के नाम हैं। प्राचार्य और क्रीड़ा अधिकारी के हस्ताक्षर हैं। कोई विवाद नहीं है। - डॉ. अजय शर्मा, ऑब्जर्वर, इंटर कॉलेज टेनिस










