दोनों तेल डिपो हटने के आसार
अजमेर. अजमेर में इंडियन ऑयल कारपरेरेशन और भारत पेट्रोलियम के तेल डिपो दौराई रीको इंडस्ट्रियल एरिए से हटने के आसार हैं। सीतापुर हादसे के बाद गठित राज्यस्तरीय कमेटी के सचिव ने दोनों डिपो को खतरनाक बताया है। इधर दोनों कंपनियों ने भी डिपो के लिए नई जगह की तलाश शुरू कर दी है।
सीतापुर हादसे के बाद गठित राज्यस्तरीय कमेटी की पिछले दिनों जयपुर में आयोजित बैठक में कमेटी के सदस्य सचिव एवं उप नगर नियोजक चंद्रशेखर पाराशर ने अजमेर के दोनों डिपो को खतरनाक बताया था। अजमेर नगर निगम के अग्नि शमन विभाग के अफसरों ने भी डिपो में आग लगने की स्थिति में असुरक्षित बताया है।
हादसे के समय दोनों डिपो के चारों और अग्नि शमन वाहनों की पहुंच संभव नहीं है। डिपो के पास ही लकड़ी की बड़ी टाल तथा लोहा ढलाई खाना भी मौजूद है। शहर में इंडियन ऑयल कारपरेरेशन और भारत पेट्रोलियम के दौराई स्थित डिपो पहले गैर आबादी क्षेत्र में थे लेकिन इन इलाकों में अब घनी आबादी है।
यहां पर सीतापुरा औद्योगिक क्षेत्र की तरह ही एक्सप्लोजिव नियमों की अवहेलना करते हुए रोजगार व विकास के लिहाज से औद्योगिक इकाइयां स्थापित करने की अनुमति दे दी गई है। हादसा होने की स्थिति में दोनों डिपो के एक ही स्थान पर होना भी खतरनाक साबित हो सकता है। हादसे के बाद दोनों ही कंपनियों ने नए डिपो स्थापित करने के लिए संभावित स्थान की तलाश शुरू कर दिए हैं।
दोनों कंपनियों का पहला प्रयास जयपुर-अजमेर के बीच जगह तलाशने का है। सूत्रों के मुताबिक यदि कंपनियों का यह प्रयास सफल रहा तो अजमेर के इन दोनों डिपो को शिफ्ट करने पर विचार किया जाएगा। अथवा इन्हें केवल अजमेर शहर की सप्लाई के काम में लिया जाएगा। फिलहाल जयपुर हादसे के बाद इन दोनों डिपो का पेट्रोल—डीजल सप्लाई का दायरा बढ़ा दिया गया है।










