नहीं हो पाया पोस्टमार्टम
भीलवाड़ा. पुलिस से प्रताड़ित होकर आत्महत्या करने वाले वकील अमित यादव का शव करीब 40 घंटे बाद शुक्रवार रात तक भी उसी कमरें में जस का तस पड़ा रहा। न पोस्टमार्टम हो पाया और न अंतिम संस्कार। शव को बर्फ की सिल्लियों पर रखा हुआ है।
पुलिसकर्मियों की गिरफ्तारी की मांग पर अड़े वकीलों के साथ प्रशासन की दो दौर की वार्ता सफल नहीं हो पाई। कोटा रोड पर यादव के घर के निकट उनका धरना जारी है। प्रशासन के दोषी पुलिस कर्मियों की गिरफ्तारी के आश्वासन को भी रात में वकीलों ने नकार दिया। सांगानेरी गेट निवासी वकील यादव की आत्महत्या के बाद से ही आरोपी सीआई ओमप्रकाश वर्मा सहित पुलिसकर्मियों की गिरफ्तारी की मांग कर रहे वकीलों ने शुक्रवार सुबह से ही फिर कोटा मार्ग को ठप कर दिया। कुछ देर बाद सड़क पर दरियां बिछा धरना लगा दिया।
पुलिस और प्रशासन के खिलाफ वकीलों की नारेबाजी का दौर पूरे दिन चलता रहा। पुलिस और प्रशासनिक अधिकारी जब भी वकीलों की तरफ बढ़े, वे उग्र होते रहे। वकील नेताओं ने धरने को संबोधित कर सरकार और पुलिस प्रशासन पर प्रहार किए। दोपहर दो बजे बाद वकीलों ने एसपी पी.रामजी का पूतला दहन किया। शाम को जिला अभिभाषक संस्था के प्रतिनिधि वार्ता के लिए तैयार हुए। 45 मिनट चली पहले दौर की वार्ता में पांचों आरोपी पुलिस कर्मियों को हिरासत में लेने के गुरुवार का आश्वासन पूरा नहीं करने पर वकील गरम हुए।
वकीलों ने एसपी पी.रामजी व डीएसपी रामकुमार कस्वां को हटाने की मांग मांग भी प्रमुखता से रखी।मृतक के आश्रितों को मुआवजा दिलवाने की मांग भी हुई। संभागीय आयुक्त अतुल शर्मा, कलेक्टर मंजू राजपाल, अजमेर आईजीपी आर.पी.सिंह, एडीएम सिटी सुरेंद्र माहेश्वरी,एडीएम प्रशासन पुखराज सेन,एसडीएम दिनेश शर्मा,एएसपी शिवराज मीणा,यूआईटी सचिव उज्जवल राठौड़ व तहसीलदार राजेंद्रदत्त शर्मा देर रात तक मौके पर डटे रहे।
आज फिर रहेगा भीलवाड़ा बंद
जिला अभिभाषक संस्था ने शनिवार सुबह तक आरोपी पुलिस कर्मियों की गिरफ्तारी नहीं होने पर फिर बाजार बंद करने की चेतावनी दी है। अध्यक्ष गोपाल अजमेरा ने व्यापारिक संगठनों से सहयोग की अपील की। शनिवार सुबह जिले की तहसीलों के बार अध्यक्ष भी अपनी कार्यकारिणी के साथ आंदोलन स्थल पर पहुंचेंगे।










