सरपंच पद अब फिफ्टी-फिफ्टी
सागर. आगामी पंचायत चुनाव के सिलसिले में गुरुवार को सागर सहित जिले के 11 जनपद कार्यालयों में सरपंच पद आरक्षित किए गए। इसमें सरपंचों के 50 फीसदी पद महिलाओं और 50 फीसदी पद पुरुषों को मिले हैं। जिले की 760 ग्राम पंचायतों में से 380 ग्राम पंचायतों की बागडोर महिलाओं के हाथों में होगी।
सागर जनपद कार्यालय में एसडीओ अरुण परमार की मौजूदगी में 86 ग्राम पंचायतों के सरपंच पद चक्रानुक्रम में लाट निकालकर आरक्षित किए गए। यह प्रक्रिया वर्तमान एवं पूर्व सरंपचों सहित सचिवों से खचाखच भरे सभाकक्ष में दोपहर बाद संपन्न हुई। 86 ग्राम पंचायतों में से 22 अनुसूचित जाति, 09 अनुसूचित जाति, 22 अन्य पिछड़ा वर्ग के लिए आरक्षित की गई हैं।
35 ग्राम पंचायतें अनारक्षित हैं। 11 पंचायतें अनुसूचित जाति, 04 पंचायतें अनूसूचित जनजाति, 11 पंचायतें अन्य पिछड़ा वर्ग और 17 पंचायतें अनारक्षित महिलाओं के पास रहेंगी। इसी तरह 11 पंचायतें अनुसूचित जाति, 3 पंचायतें अनुसूचित जनजाति, 11 पंचायतें अन्य पिछड़ा वर्ग और 18 पंचायतें अनारक्षित पुरुषों के खाते में गईं हैं।
कई मुस्कराए, कई हुए मायूस
आरक्षण प्रक्रिया के दौरान सभाकक्ष में मौजूद पूर्व एवं वर्तमान सरपंचों में कई लोगों के चेहरों पर मुस्कराहट आई तो कई के चेहरे का रंग उड़ गया। अगामी चुनाव में 50 फीसदी पद महिलाओं के लिए आरक्षित हो जाने से आगामी चुनाव में कई सरंपच अपनी पत्नी को कई अपने हरवाहों को मैदान में उतारने के मूड में है।
वहीं दूसरी ओर कई पूर्व सरपंच इस बार फिर मैदान में नजर आएंगे। 682 महिलाएं बनेगी पंच-आरक्षण के चलते सागर जनपद की 86 ग्राम पंचायतों के 1320 पंच पदों में से 682 पंच पद महिलाओं की झोली में चले गए हैं। पुरुषों को 638 पंच पद से संतोष कराना पड़ेगा।
जिले भर की ग्राम पंचायतों में पंचों के 10411 पद हैं। इनमें 1937 पद अनुसूचित जाति, 1221 पद अनुसूचित जनजाति और 2288 पद अन्य पिछड़ा वर्ग के पुरुषों और महिला के बीच आधे-आधे बांटे गए है। इसी तरह अनारक्षित पंच पद भी महिलाओं और पुरुषों को बांटे हैं।










