Saturday, Nov 21st, 2009, 8:15 am [IST]  

danik bhaskarइस मामले में तो हार गई कांग्रेस!

भास्कर न्यूज

जबलपुर. इस देश में कम्प्यूटर क्रांति कौन लाया अगर किसी भाजपा नेता से भी यह पूछा जाए तो वह कहेगा कि पूर्व प्रधानमंत्री स्व. राजीव गांधी। यह बिल्कुल सच भी है। उन्होंने ही इस देश को संचार क्रांति की आंधी से जोड़े रखा, जिसका नतीजा यह निकला कि आज हिन्दुस्तान दुनिया के साथ कदम से कदम मिला चल रहा है।



केन्द्रीय स्तर पर कांग्रेस का संगठन इतना हाईटेक हो चुका है कि उसमें आईटी सेल का गठन भी हो गया है और करीब साल भर पहले ही कांग्रेस के महासचिव राहुल गांधी ने हर युवक कांग्रेसी के लिए ईमेल आईडी आवश्यक कर दी थी। इन सबके बाद भी इस शहर में कांग्रेस के कार्यालय और इनकी नेटवर्किग इतनी घटिया है कि कार्यालय में कम्प्यूटर तो दूर एक टाइपराइटर तक नहीं है।



विधानसभा और लोकसभा चुनाव तो ऐसे ही निकल गए अब नगरीय निकाय चुनाव भी ऐसे ही निकल जाएंगे और देश को हाईटेक बनाने वाली पार्टी बाबा आदम के युग में ही रहेगी। नगर कांग्रेस का कार्यालय हनुमानताल में है और यह नगर अध्यक्ष नरेश सराफ के निवास पर ही है। यहां कार्यकर्ताओं के बैठने के लिए पर्याप्त स्थान भी नहीं है।



कोई भी जानकारी लेनी हो तो कांग्रेस के प्रवक्ता अपने दिमाग पर जोर देते हैं और अगर स्मृति ने धोखा नहीं दिया तो जानकारी मिल जाती है। वहीं इसके ठीक विपरीत भाजपा की मीडिया सेल से कोई जानकारी लेनी हो तो वहां दो मिनिट का समय भी नहीं लगता और प्रिंट हाथों में आ जाता है। हाल ही में जब पार्षद पद के दावेदार जब कांग्रेस कार्यालय में अपना दावा प्रस्तुत कर रहे थे, तब यह सोचा गया कि यहां से पूरी सूची तैयार हो जाएगी, लेकिन वहां से जवाब मिला कि इतने सारे दावेदारों के नाम लिखे नहीं जा सकते।



भाजपा का डिलाइट क्षेत्र स्थित संभागीय कार्यालय पूरा हाईटेक है। यहां इंटरनेट से लेकर प्रिंटर और फोटोकॉपी की मशीन तक है। यहां दो विशेषज्ञों की सेवाएं भी ली जाती हैं, जो हर समय मौजूद रहते हैं। प्रदेश कार्यालय से कोई भी जानकारी सीधे मेल पर ही आती है और यहां से कोई जानकारी भेजनी होती है तो वह भी मेल पर ही डाल दी जाती है।

अधिकांश कांग्रेस नेता हाईटेक



कांग्रेस के अधिकांश नेता हाईटेक हैं। इसमें युवा नेताओं की एक पूरी फौज है, जो बिना इंटरनेट के काम ही नहीं करती, लेकिन ये सारे राष्ट्रीय स्तर के हैं। सबसे पहला नाम तो युवराज राहुल गांधी का ही है। बताते हैं कि इनका कार्यालय अतिआधुनिक है और वे अपने खास समर्थकों से इंटरनेट के माध्यम से ही जुड़े रहते हैं।



विदेश राज्य मंत्री शशि थरूर भले ही विवादों में रहे हों, लेकिन आज के दौर के सबसे हाईटेक नेता तो वे ही हैं। उनका ब्लॉग हमेशा ही उनकी टिप्पणियों की तरह चर्चा में रहता है। इसके साथ ही ज्योतिरादित्य सिंधिया भी इसी श्रेणी के हैं। प्रदेश की बात की जाए तो जीतू पटवारी से काफी उम्मीदें थीं, लेकिन इस मामले में वे भी फेल ही साबित हुए हैं।



इनसे अच्छे क्षेत्रीय कार्यालय



नगरीय निकाय चुनाव के लिए उत्तर क्षेत्र की सुनवाई अच्छा हुआ समदड़िया होटल में हुई अगर ये नगर कांग्रेस कार्यालय में होती तो क्या होता इसका अंदाजा कांग्रेसी कार्यकर्ता ही लगा सकते हैं। इसके साथ ही पूर्व, पश्चिम और केन्ट क्षेत्र की सुनवाई जिन कार्यालयों में हुई वे कार्यालय नगर कांग्रेस कार्यालय से कई गुना बेहतर है। यहां हर प्रकार की सुविधाएं भी हैं और ये कार्यालय ऐसे स्थान पर हैं, जहां सबके लिए पहुंचना आसान होता है।



पार्षदों ने दिया था कम्प्यूटर



बताया जाता है कि करीब दो साल पहले कांग्रेस कार्यालय को हाईटेक बनाने के लिए कांग्रेसी पार्षदों ने प्रयास किए थे और इसके लिए उन्होंने मिलकर कम्प्यूटर खरीदा था, जिसे नगर कांग्रेस कार्यालय को उपहार स्वरूप प्रदान किया गया था, लेकिन वह ज्यादा दिनों तक कार्यालय में रह नहीं पाया। बताया जाता है कि वह खराब हो गया है। प्रदेश कांग्रेस की ओर से भी ऐसी कोई व्यवस्था नहीं की गई है कि कार्यालय हाईटेक हो सके।



मंगाया है कम्प्यूटर



पाषर्दों जो कम्प्यूटर प्रदान किया था, वह खराब हो गया है और उसे बनवाने भेजा गया है। जल्द ही उसे लाने के प्रयास किए जा रहे हैं, ताकि चुनाव का कार्य सही ढंग से हो सकें। - टीकाराम कोष्टा, नगर प्रवक्ता

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