अतिक्रमण विरोधी मुहिम पर स्टे
जबलपुर. हाईकोर्ट के फैसले के खिलाफ दायर याचिकाओं सुनवाई की अगली तिथि 4 दिसम्बर को निर्धारित करते हुए बैंच ने यह अंतरिम स्थगन दिया है। गौरतलब है कि हाईकोर्ट ने बाई का बगीचा में रहने वाले केजी श्रीवास्तव की जनहित याचिका में घमापुर से शीतलामाई जाने वाले मार्ग पर फैले अतिक्रमणों को चुनौती दी गई थी।
हाईकोर्ट ने विगत 10 नवम्बर को मामले पर सुनवाई करते हुए पाया था कि मास्टर प्लान में स्टेट हाईवे की चौड़ाई 80 फुट निर्धारित है। इसे ध्यान में रखते हुए दो जजों की बैंच ने जिला प्रशासन को 24 घंटे के भीतर उक्त मार्ग पर अतिक्रमण हटाने की मुहिम जारी रखने के निर्देश देकर हर तीन दिन में अपनी रिपोर्ट कोर्ट में पेश करने के निर्देश दिए थे।
युगलपीठ ने इस कार्रवाई से प्रभावित होने वाले लोगों को कार्रवाई के बाद मुआवजा देने के निर्देश भी दिए थे। इस कार्रवाई से प्रभावित होने वाले स्थानीय लोगों की ओर से कार्रवाई पर रोक लगाने की प्रार्थना करते हुए हाईकोर्ट में अर्जियां दायर की गईं थीं। हाईकोर्ट ने विगत 16 नवम्बर को यह अर्जियां खारिज करते हुए कहा था कि विवादित मार्ग की चौड़ाई 80 फुट ही रहेगी।
हाईकोर्ट के इन्हीं दोनों फैसलों को चुनौती देकर स्थानीय निवासी आरएम परनामी व अन्य की ओर से सुप्रीम कोर्ट में याचिकाएं दायर की गईं हैं। इन याचिकाओं पर सुनवाई की अगली तिथि निर्धारित करते हुए सुको ने हाईकोर्ट के आदेशों पर रोक लगा दी। याचिकाकर्ताओं की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता रोहित आर्या, अधिवक्ता अक्षत श्रीवास्तव, नितिन गौर, परितोष गुप्ता, पीपी सिंह पैरवी कर रहे हैं।










