भारोत्तोलन महासंघ का भाग्य अधर में
नयी दिल्ली. डोपिंग आरोपों से घिरे और अंतरराष्ट्रीय बिरादरी से बाहर होने के कगार पर खड़े भारतीय भारोत्तोलन महासंघ के भवष्यि पर वश्वि संचालन संस्था :आईडब्लयूएफ: की कोरिया के गोयांग में चल रही वाषर्कि कांग्रेस में फैसला अभी नहीं लिया जा सका है और अब इस पर कल फैसला आ सकता है ।
वाषर्कि कांग्रेस की कल हुई बैठक में भारतीय भारोतोलन महासंघ का मामला विचार वमिर्श के लिये नहीं आ सका । बोर्ड अब लंबति मामलों पर कल बहस करेगा ।
अंतरराष्ट्रीय भारोतोलन महासंघ के प्रवक्ता डेजसो डोबर ने एक बयान में कहा कि भारतीय महासंघ को पहले दो बार प्रतबिंध किया जा चुका है और छह भारोतोलकों के वाडा के डोप टेस्ट मामले में फंसने के कारण भारतीय महासंघ को तीसरी बार प्रतबिंध झेलना पड़ सकता है ।
इससे पहले खेल मंत्रालय और भारतीय ओलम्पकि संघ के भारी दबाव के चलते भारतीय भारोतोलन महासंघ के सभी पदाधिकारियों ने इस्तीफा दे दिया था । लेकनि पूर्व महासचवि बीआर गुलाटी भारत के मामले को कांग्रेस में पेश करने के लिये कोरिया गये हुए हैं ।
अंतरराष्ट्रीय नयिमों के अनुसार अगर चार या उससे ज्यादा भारोतोलक एक साल के भीतर डोपिंग के दोषी पाये जाते हैं तो देश के राष्ट्रीय महासंघ पर अधकितम चार साल का प्रतबिंध लगाया जा सकता है ।










