कार डीलर ने की धोखाधड़ी, जुर्माना
चंडीगढ़ . अगर आप कार या कोई अन्य सेकंड हेंड फोर व्हीलर खरीदने जा रहे हैं तो जरा संभलकर खरीदें..। जरा सी चूक से आप धोखाधड़ी के शिकार हो सकते हैं।। ऐसे ही एक केस में जिला उपभोक्ता फोरम ने सेक्टर 7 स्थित संडे कार बाजार के ‘कार जी सेंटर’ के प्रोपराइटर पृथीपाल सिंह को सेवा में खामी और धोखाधड़ी का दोषी माना है।
फोरम ने अपने निर्देश में प्रोपराइटर को गाड़ी के बदले ली गई राशि एक लाख 20 हजार रुपए वापस करने और 25 हजार रुपए मुआवजा व पांच हजार रुपए मुकदमा खर्च राशि देने के निर्देश दिए हैं। सेक्टर 38 निवासी मनजीत सिंह ने कार जी के प्रो. के खिलाफ फोरम में शिकायत की थी।
क्या था मामला:
शिकायतकर्ता के अनुसार उन्होंने फोर्ड आइकन 2001 मॉडल कार खरीदी थी। कार खरीदते समय उन्होंने कार डीलर को एक लाख 20 हजार रुपए दिए थे, जबकि सौदा एक लाख 25 हजार रुपए में तय हुआ था। कार डीलर ने बाकी के पांच हजार रुपए गाड़ी उनके नाम पर ट्रांसफर के समय देने की बात कही थी। थोड़े दिन बाद जब गाड़ी उनके नाम पर ट्रांसफर नहीं हुई तो उन्होंने इसके लिए डीलर से संपर्क से संपर्क किया लेकिन डीलर ने फिर भी कुछ नहीं किया।
इसके बाद जब शिकायतकर्ता रजिस्ट्रेशन एंड लाइसेंसिंग अथॉरिटी, हरियाणा से इस बारे में पूछताछ की तो मालूम चला कि उन्हें जो लेमिनेटिड आरसी दी गई थी वह मात्र मूल आरसी की फोटो प्रति थी, जिस पर लेमिनेशन किया हुआ था। यही नहीं शिकायतकर्ता को धक्का तब पहुंचा जब गाड़ी महेश कुमार नाम के व्यक्ति के नाम पर ट्रांसफर की जा रही थी।इस पर शिकायतकर्ता मनजीत सिंह ने इसकी शिकायत पुलिस में भी की।
इसके बाद उन्होंने इसकी शिकायत फोरम में की। फोरम में मामले पर अपना पक्ष रखने के लिए कार डीलर की ओर से कोई भी प्रतिनिधि नहीं आया। इस पर फोरम ने कार डीलर को एक्सपार्टी करार दे दिया। फोरम ने कार डीलर और केस के एक अन्य विरोधी पक्ष सुखविंदर सिंह को सेवा में खामी का दोषी मानते हुए शिकायतकर्ता को एक लाख 20 हजार रुपए ब्याज सहित लौटाने के निर्देश दिए। इसके अतिरिक्त शिकायतकर्ता को हुई मानसिक परेशानी के लिए फोरम ने 25 हजार रुपए मुआवजा व पांच हजार रुपए मुकदमा खर्च राशि देने के निर्देश दिए।











