सचिन एक और कीर्तिमान के करीब
कानपुर.
कानपुर के ग्रीन पार्क स्टेडियम में 24 नवंबर से भारत और श्रीलंका के बीच दूसरा क्रिकेट टेस्ट खेला जाएगा। इस टेस्ट में मास्टर ब्लास्टर सचिन तेंडुलकर के लिए एक और कीर्तिमान बनाने का सुनहरा अवसर है। वे यहां पर टेस्ट क्रिकेट में 13 हजारी बन सकते हैं। इस कीर्तिमान को रचने के लिए उन्हें 123 रनों की आवश्यकता है।
मोटेरा की तरह यहां की पिच ने भी यदि बल्लेबाजों का साथ दिया तो सचिन के लिए लक्ष्य हासिल करना बेहद आसान होगा। सचिन ने अब तक १६क् टेस्टों में ५४.७९ के औसत से १२८७७ रन बनाए हैं। अहमदाबाद टेस्ट के दौरान अपने कैरियर में तीस हजार रनों का पहाड़ खड़ा कर एक नया इतिहास रचने वाले सचिन की बल्लेबाजी का गवाह मोटेरा की पिच बनी जहां पहली पारी मे नाकाम रहने के बाद दूसरी पारी में जबर्दस्त शतकीय पारी खेल कर सचिन ने ड्रॉ मैच में दर्शकों का भरपूर मनोरंजन किया और अपने क्रिकेट कैरियर में अपने इस नए कीíतमान के साथ इस स्टेडियम का नाम भी क्रिकेट इतिहास के पन्नों पर लिख दिया।
पटेल ने रचा था इतिहास :
जहां तक ग्रीन पार्क का सवाल है तो यह मैदान कई कीíतमानों का प्रत्यक्षदर्शी रहा है। वर्ष १९५९ में भारतीय टीम ने यहां ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ अपनी पहली जीत दर्ज की थी। टर्फ पिच पर पहली दफा खेले गए इस मैच में ऑफ स्पिनर जस्सू पटेल ने सर्वाधिक १४ विकेट चटका कर एक नया कीíतमान बनाया था। वर्ष १९८५ में इंग्लैड की डेविड गोवर की टीम के खिलाफ पांचवे टेस्ट मैच की पहली पारी में मोहम्मद अजहरूद्दीन ने यहां शानदार शतक जड़कर टेस्ट मैचों में लगातार तीन शतक लगाने का रिकॉर्ड कायम किया था हालांकि निश्चित ड्रॉ की ओर अग्रसर इस मैच में भारतीय कप्तान सुनील गावसकर ने जब दूसरी पारी की घोषणा की तब अजहर ५४ रनों के साथ पिच पर डटे थे।
विश्वनाथ के लिए भाग्यशाली :
गुंडप्पा विश्वनाथ के लिए यह मैदान सर्वाधिक भाग्यशाली रहा जहां उन्होने अपने टेस्ट जीवन के सबसे अधिक ७७६ रन इसी मैदान की पिच से जुटाए। हालांकि गावसकर को अपनी ससुराल की पिच ज्यादा नहीं भाई। अपनी धर्मपत्नी मार्शलीन गावसकर के गृहनगर में लिटिल मास्टर का बल्ला अधिकतर फ्लॉप ही रहा। वर्ष १९५२ से लेकर अब तक इस मैदान में २क् टेस्ट मैच खेले जा चुके है जिसमें आठ मैचों के परिणाम निकले हैं। इनमें से भारत के पक्ष में पांच बार फैसला आया जबकि तीन में उसे हार का मुंह देखना पड़ा है। बल्लेबाजों के लिए स्वर्ग समझी जाने वाली ग्रीनपार्क की पिच पर भारतीय टीम ने वर्ष १९८६ में श्रीलंका के खिलाफ 676 रनों का स्कोर खड़ा किया था जो इस मैदान में किसी भी टीम द्वारा बनाया गया सर्वोच्च स्कोर है।










