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Sunday, Nov 22nd, 2009, 2:15 am [IST]  

danik bhaskarवापस लौटे चावल से लदे ट्रक

Bhaskar Correspondent

कुरुक्षेत्र. मीलिंग के चावल पर एफसीआई व मिल मालिकों में पैदा हुआ बवाल थमता नजर नहीं आ रहा है। एक तरफ चावल मिल मालिक अपने पक्ष पर अड़े हैं तो दूसरी और खाद्य निगम के अधिकारी भी कोई शर्त मानने को तैयार नहीं है।



शनिवार को भी दोनों अपनी अपनी बात पर अड़े रहे। मिल मालिक चावल मिल बंद करने की धमकी दे रहे हैं, तो खाद्य निगम वाले हड़ताल पर जाने की चेतावनी दे रहे हैं। अभी तक जिला प्रशासन के आला अफसर बीच बचाव का कोई भी रास्ता तलाश नहीं पाए।



बाहर पड़े चावल को लगाया अंदर



दो दिन से मिल मालिक रिजेक्ट की गई कंसाईनमेंट को उठाकर बाकी चावल स्वीकार करने को कह रहे थे। निगम के अधिकारी पहले तो उनकी इस बात को मानने को तैयार नहीं थे। जिला प्रशासन की ओर से एसडीएम अशोक बंसल ने भी यही प्रयास किए कि बाहर खुले में पड़ा चावल गोदाम के अंदर लग जाए।



शनिवार को निगम के अधिकारी बाहर खुले में पड़े चावल को स्वीकार कर अंदर लगाने पर राजी हो गए और खुले आसमान के नीचे पड़ा चावल स्वीकार कर लिया। गोदाम के बाहर सौ से अधिक ट्रकों में लदे चावल को उन्होंने नकार दिया। इसके बाद ट्रक वापस मिलों की ओर लौटा दिए गए।



अब सरकार पर बिफरे मिल मालिक



मिल मालिकों का कहना है कि निगम के अधिकारी दिल्ली में बैठ कर दूरबीन से चावल को देखते हैं। फील्ड में आकर वे काम करें तो उन्हें असलियत का पता चले। पपली मथाना राईस मिलर एसोसिएशन के प्रधान ज्वैल सिंगला ने कहा कि करोड़ों रुपए का धान व चावल खुले आसमान के नीचे पड़ा है।



सरकार उसके रखरखाव के लिए न तो तिरपाल दे रही और ना ही करेट उपलब्ध करा रही है। वे बिना तिरपाल व करेट के माल को कैसे संभालेंगे। अगर बरसात में हो जाती है तो फिर निगम के अधिकारी उस चावल को कैसे स्वीकार करेंगे।



उन्होंने कहा कि अगर जल्द समस्या का समाधान नहीं निकला तो मिल मालिक अपनी चाबियां डीसी को सौंप देंगे और मजदूरों की छुट्टी कर देंगें। इस मौके पर ज्ञान चंद सिंगला, जिलाध्यक्ष धर्मपाल गुप्ता, बीरबल शर्मा, अशोक गोयल, ईश्वर गुप्ता व मोहन लाल बजाज मौजूद थे।

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