जीने का मौका दें: डीसी
आम तौर पर स माज की ओर मंदबुद्धि बच्चों की अनदेखी की जाती है। हमारा फर्ज बनता है कि इन बच्चों को भी समाज का एक अंग समझते हुए दूसरे बच्चों की तरह जिंदगी जीने के सभी साधन व मौके प्रदान करवाएं। उक्त विचार शनिवार को डिप्टी कमिश्नर दीपइंदर सिंह ने नवजीवनी स्कूल आफ स्पेशल एजूकेशन में नेशनल ट्रस्ट आफ इंडिया की ओर से बढ़ते कदम कार्यक्रम के तहत करवाए गए समागम में व्यक्त किए। इस मौके पर डिप्टी कमिश्नर ने मंदबुद्धि बच्चों की ओर से बनाई गई वस्तुओं की प्रदर्शनी का मुआयना भी किया। इस मौके पर स्कूल के डायरेक्टर निर्मल सिंह सोढ़ी ने बताया कि यह स्कूल 1982 में शुरू किया गया था जो इस क्षेत्र में सफलता से अपनी सेवाएं प्रदान कर रहा है। स्कूल की ओर से दो साल पहले ऐसे बच्चों के विशेष टीचर तैयार करने के लिए सिखलाई कोर्स भी शुरू किया गया है और हर साल 25 अध्यापक तैयार करके देश के अलग अलग राज्यों में भेजे जा रहे हैं। बच्चों की ओर से रंगारंग कार्यक्रम भी पेश किया गया। इस मौके पर स्कूल प्रिंसिपल शमिंदर कौर, बलतेज पन्नु, जीएस अश्क, प्रोफेसर हरजिंदर सिंह वालिया विशेष रूप से उपस्थित हुए।










