Sunday, Nov 22nd, 2009, 3:23 am [IST]  

danik bhaskarघंटों थमी रही मेट्रो, बेहाल हुए लोग

धनंजय कुमार

नई दिल्ली. दिल्ली की लाइफ लाइन मेट्रो रोज नई इबारत लिख रही है। पिछले कुछ हफ्तों से कुछ मिनट की देरी से चलना तो मेट्रो की फितरत बन गई है। लेकिन, शनिवार को मेट्रो ने सवा दो घंटे तक रुक कर देर से चलने का नया रिकार्ड स्थापित कर दिया। इससे पहले 8 नवंबर को राजीव चौक- आरके आश्रम स्टेशन के बीच हुई दुर्घटना की वजह से मेट्रो की सेवा करीब 1.41 घंटे तक बाधित हुई थी।



शनिवार को द्वारका-नोएडा लाइन पर सवा दो घंटे तक मेट्रो सेवा थमी रही, जिसके चलते उस समय ट्रेन पर सवार ढाई सौ यात्रियों के अलावा विभिन्न स्टेशनों पर गाड़ी के इंतजार में खड़े हजारों यात्रियों को अपने गंतव्य स्थान तक पहुंचने में खासी मशक्कत करनी पड़ी। सूत्रों के मुताबिक वैक्युम प्रेशर ब्रेक फेल होने की वजह से एक गाड़ी उत्तम नगर (पूर्व) स्टेशन के पास अचानक थम गई। जिसके चलते पूरे रूट पर सेवाएं बाधित हो गई।



क्या है असली वजह



वैक्युम प्रेशर ब्रेक का फेल होना आम बात हो चुकी है। यह समस्या विशेषकर जर्मनी से मंगाई गई नई अत्याधुनिक गाड़ियों में हो रही है। सूत्रों के मुताबिक ब्रेक के फेल होने की वजह से पेंटोग्राफ से गाड़ी का संपर्क टूट जाता है। ऐसे में ओवर हेड से भी गाड़ी का संपर्क टूट जाता है। सूत्रों के मुताबिक गाड़ी के ऊपर दो ओवर हेड होते हैं। कई बार गाड़ी चालक एक ओवर हेड का संपर्क छूटने पर दूसरे से कनेक्शन कर सेवा जारी रख लेता है। लेकिन, जब दोनों ओवर हेड से गाड़ी का संपर्क छूट जाता है तो गाड़ी पूरी तरह से रुक जाती है।



डीएमआरसी का दावा



दिल्ली मेट्रो रेल कारपोरेशन (डीएमआरसी) का कहना है कि बिजली आपूर्ति ठप्प होने की वजह से गाड़ी रुक गई। प्रवक्ता अनुज दयाल का कहना है कि पेंटोग्राफ में किसी चीज के फंस जाने की वजह से गाड़ी थम गई। रॉलिंग स्टाफ के शुरुआती जांच में पेंटोग्राफ में खराबी होने की बात भी सामने आ रही है। ऐसे में महाप्रबंधक (रखरखाव) पूरे मामले की गहनता से जांच करेंगे। इसके बाद ही घटना की असली वजहों की जानकारी मिल सकेगी।



बढ़ती भीड़ संभालने में नाकाम है मेट्रो!



मेट्रो की कुव्यवस्था के चलते विभिन्न रूटों पर यात्रियों की जरूरत से ज्यादा होने लगी है। कई ट्रेनों की तो हालत यह होती है कि उनमें क्षमता से तीन गुना अधिक यात्री यात्रा करते हैं। मेट्रो के अंदर भीड़ इतनी बढ़ गई है कि पैर रखने तक की जगह बाकी नहीं बचती। मेट्रो परिचालन की खामी के चलते बढ़ने वाली इस भीड़ का सबसे बड़ा खामियाजा महिलाओं को चुकाना पड़ रहा है।



राजीव चौक-द्वारका लाइन प्रतिदिन दर्जनों महिलाए छेड़छाड़ का शिकार हो रही हैं। लेकिन, मेट्रो प्रशासन महिलाओं की समस्या को लेकर कोई कदम नहीं उठाता। मेट्रो निदेशक (वित्त) आरके जोशी ने साफ कर दिया है कि फिलहाल मेट्रो व उसमें सफर करने वाले लोगों को कोई राहत नहीं दी जा सकती। दरअसल मेट्रो के पास सीमित (कोच) गाड़ियां है। बावजूद इसके दिल्ली से नोएडा का नया रूट शुरू कर दिया गया।



उधर, शाहदरा से बढ़ाकर दिलशाद गार्डन व विवि वाले रूट को बढ़ाकर जहांगीर पुरी तक कर दिया गया। मेट्रो ने अपने पैर तो पसार लिए, लेकिन यह विस्तार बिना किसी पूर्व तैयारी के किया गया है। नए रूट शुरू होने से जहां यात्रियों की संख्या काफी बढ़ गई, वहीं सीमित गाड़ियां होने के कारण ट्रेन उस अनुपात में नहीं बढ़ाई गई है। मेट्रो निदेशक आर के जोशी का कहना है कि नए कोच आने तक स्थिति ऐसी ही बनी रहेगी। सुबह व शाम को चांदनी चौक, कश्मीरी गेट व राजीव चौक आदि स्टेशनों पर भीड़ बेकाबू हो जाती है। राजीव चौक से द्वारका के लिए जाने वाली मेट्रो के लिए यात्रियों को 7 से 20 मिनट तक का इंतजार करना पड़ता।

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