धरोहर कराएगा अतीत से परिचिर्त
कुरुक्षेत्र. शंकराचार्य गुरु जयेंद्र सरस्वती जी ने कहा कि धरोहर संग्रहालय में हरियाणवीं संस्कृति से जुड़ी जिन विषय वस्तुओं को संकलित किया गया है, वे आने वाली पीढिय़ों को शिक्षा देकर हरियाणा के अतीत के बारे में बताएंगी। यह एक अच्छी परंपरा है। जयेंद्र सरस्वती जी ने शनिवार को धरोहर संग्रहाल का अवलोकन करते हुए कहा कि हरियाणा और दक्षिणी भारत में बहुत सी समानताएं देखने को मिलती हैं। इसका साक्षात् प्रमाण धरोहर हरियाणा संग्रहालय में दर्शाई गई वस्तुएं हैं। उन्होंने धरोहर हरियाणा संग्रहालय के कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय एक विकास, हरियाणा की युद्धवीर परंपरा, स्वतंत्रता सेनानी, हरियाणा की निर्माण एवं वास्तुकला, हरियाणा की पुरातात्विक कला, हरियाणा की पाण्डुलिपि, वाद्ययंत्र, खेती-बाड़ी, लोक विश्वास, जल विरासत, परिवहन के साधन, हुक्का परंपरा, घरेलू विषय वस्तुओं का बारीकी से अवलोकन किया। इस मौके पर वीसी डीडीएस संधू, रजिस्ट्रार प्रो. राघवेंद्र तवंर , संग्रहालय के प्रभारी उा. महाङ्क्षसह पूनिया मौजूद थे। वीसी संधू ने कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय की ओर से शंकराचार्य जी को एक स्मृति चिह्न व धरोहर हरियाणा संग्रहालय के ब्रोशर की प्रतियां भी यादगार स्वरूप भेंट की।










