पहले दूर करें कमियां
बेतरतीब पार्किग, हर घंटे जाम, त्योहारों पर रश इतना कि पैदल चलने की भी जगह न बचे। ऐसे में और कितने साल मालवीय रोड पर लोगों को मुश्किलों का सामना करना पड़ेगा। इसीलिए जरूरी है कि वहां मॉल रोड जैसी योजनाओं को साकार किया जाए, लेकिन इस तरह की योजनाएं उन क्षेत्रों में लागू की जाएं, जहां इसे बेहतर ढंग से आकार दिया जा सके।
योजना की शुरुआत में ही कई महत्वपूर्ण बिंदुओं पर विचार नहीं किया गया है, इसलिए इन पर ध्यान देना निहायत जरूरी है। ऐसे कई सुझावों के साथ राजधानी के प्रमुख आर्किटेक्ट्स का मानना है कि मॉल रोड जैसी योजनाएं शहर के बड़े हिस्से
के लिए बनानी चाहिए। मालवीय रोड संकरा क्षेत्र है। इसके अलावा शहर में इससे बड़े कई क्षेत्र हैं जहां योजनाओं से शहर को नया रूप दिया जा सकता है।
राजधानी आर्किटेक्ट्स एसोसिएशन के अध्यक्ष नवीन शर्मा ने कहा कि मॉल रोड बनाने के लिए बड़ी जगह होनी चाहिए। यह तभी संभव है जब शासन की इच्छाशक्ति दृढ़ हो। सभी के हितों का ख्याल रखते हुए इसे बनाना थोड़ा मुश्किल लग रहा है। इसके साथ ही एक सवाल यह भी उठता है कि मॉल रोड केवल मालवीय रोड पर ही क्यों। कोलकाता में जिस तरह ट्राम चलाए जाते हैं, उसी अंदाज में राजधानी में कुछ होना चाहिए। इसके लिए भी ठोस योजना की जरूरत है। मॉल रोड पर चलने वाली टॉय ट्रेन भी लोगों के लिए कम पड़ सकती है। बड़ा बाजार होने की वजह से वहां लोगों का आना-जाना अधिक होता है।
वरिष्ठ आर्किटेक्ट टीएम घाटे के अनुसार मॉल रोड केवल मालवीय रोड पर ही क्यों। ऐसी बड़ी योजनाओं में गोल बाजार और सदरबाजार को भी शामिल करना चाहिए। समस्याएं तो वहां भी पर्याप्त हैं। मालवीय रोड पर इस योजना को लागू तो किया जा सकता है, लेकिन इसके लिए वहां के व्यापारी तैयार होंगे या नहीं, यह भी बड़ा मुद्दा हो सकता है। इसे बनने में ही बड़ा समय लग जाएगा। ऐसे में इतने दिनों तक लोगों के लिए क्या वैकल्पिक व्यवस्था होगी।
आर्किटेक्ट संदीप श्रीवास्तव के अनुसार जयस्तंभ से कोतवाली चौक तक की इस योजना को लागू करने में कई मुश्किलें आ सकती हैं। टॉय ट्रेन में बैठना बाद का मुद्दा है। वहां तक लोग गाड़ियों में पहुंचेंगे, ऐसे में वे गाड़ी कहां पार्क करेंगे। ट्रेन का स्टापेज क्या होगा, क्योंकि हर दुकान पर तो ट्रेन नहीं रुकेगी। ऐसे कई बिंदुओं से योजनाओं में कमियां लगती हैं। आर्किटेक्ट सुरदीप मजूमदार ने कहा कि इस योजना को लागू करने से पहले अंडरग्राउंड पार्किग बनाना चाहिए।
पार्किग में भी चारपहिया वाहनों पर प्रतिबंध लगाना चाहिए। इसके अलावा मालवीय रोड को जोड़ने वाली सड़कें अमरदीप टॉकीज रोड, शारदा चौक, रहमानिया चौक से होकर पहुंचने वाले लोगों के लिए क्या व्यवस्था होगी, इस पर भी विचार करना होगा। योजना में मल्टीस्टोरी पार्किग को भी खास तवज्जो देना होगा।










