3000 छात्रों की मुसीबत बनी काउंसलिंग में देरी
जयपुर. प्रबंध संस्थानों में इस बार एमबीए पाठ्यक्रम के लिए तीन माह देर तक हुए प्रवेशों ने छात्रों के लिए मुसीबत खड़ी कर दी है। पहले सेमेस्टर की परीक्षाएं 30 जनवरी से प्रस्तावित हैं, ऐसे में बिना पढ़ाई के परीक्षा देने से कई छात्रों का परिणाम प्रभावित होने की आशंका है।
बाद में प्रवेश लेने वाले करीब 3 हजार छात्रों को सीधे तौर पर इसका नुकसान होगा। इधर तकनीकी शिक्षा विभाग ने बोर्ड को नए सत्र की काउंसलिंग समय पर पूरी करने के निर्देश दिए हैं ताकि पढ़ाई समय पर पूरी हो सके। प्रदेशभर के मैनेजमेंट संस्थानों में इस बार अक्टूबर अंत तक प्रवेश हुए हैं। पहले आरमेट में देरी व बाद में प्रवेश प्रक्रिया लंबी चलने का खमियाजा छात्रों को भुगतना पड़ रहा है। बाद में प्रवेश लेने वाले छात्रों को महज दो माह का समय ही मिल रहा है।
आरपीईटी, आरमेट अप्रैल-मई में कराने की योजना
प्रवेश प्रक्रिया एवं शिक्षा सत्र को व्यवस्थित करने के लिए तकनीकी शिक्षा विभाग अब आरपीईटी एवं आरमेट को अप्रैल-मई में कराने की योजना बना रहा है। इससे प्रवेश प्रक्रिया जुलाई तक संपन्न होकर पढ़ाई समय पर पूरा हो सके। विभाग के प्रमुख सचिव विपिन चंद्र शर्मा का कहना है कि जल्द ही अंतिम निर्णय लिया जाएगा ताकि हालात मौजूदा सत्र जैसे नहीं हों। तकनीकी शिक्षा बोर्ड को योजनाबद्ध ढंग से काम करते हुए काउंसलिंग हर हाल में समय पर कराने को भी निर्देशित किया गया है।
जिन छात्रों के प्रवेश अंत में हुए हैं, उन्हें पढ़ाई के लिए कम समय ही मिल पाएगा। नए सत्र में काउंसलिंग जून में पूरी होनी चाहिए। जिससे पढ़ाई जुलाई में हर हाल में शुरू हो जाए।
एलएस चौधरी डायरेक्टर एमीनेंट इंस्टीटच्यूट ऑफ मैनेजमेंट टेक्नोलॉजी फॉर विमेन
फस्र्ट सेमेस्टर में बमुश्किल डेढ़ से दो माह का समय मिल रहा है। छात्रों के परिणाम के लिए विभाग जिम्मेदार है।
प्रतीक चौधरी, एमबीए छात्र











