राजस्थानी हस्तकलाओं से विदेशी आकर्षित
जयपुर. राजस्थानी शिल्पियों के विदेशों में कामकाज के नए अवसर खुल गए हैं। प्रदेश के सैकड़ों हस्तशिल्पियों को विदेशों में राजस्थानी कला कौशल स्थापित करने का मौका मिलेगा। इसके संकेत इन दिनों दिल्ली के प्रगति मैदान में आयोजित अंतरराष्ट्रीय व्यापार मेले में मिल रहे हैं।
राजस्थानी वस्त्र, सजावटी सामान, जयपुरी रजाइयों सहित राजस्थानी हस्तशिल्प कला से जुड़ी अन्य वस्तुओं के प्रति यहां विदेशियों का जबर्दस्त आकर्षण है। राजस्थानी स्टालों पर विदेशियों की खासी रौनक है। जेम ज्वेलरी, लाख, कांच की चूड़ियां, राजस्थानी जूतियां, मोजड़ियां, पेंटिंग, हथकरघा वस्तुओं के साथ यहां राजस्थानी हस्तशिल्प का खूब आकर्षण नजर आ रहा है।
विदेशी राजस्थान मंडप में प्रत्येक दीर्घा पर जाकर उद्यमियों से उत्पाद के बारे में जानकारी ले रहे हैं। रूडा के सौजन्य से आई महिला समूह की सदस्यों एवं हथकरघा लूम पर कोटा डोरिया साड़ियां बनाने का प्रदर्शन कर रही कोटा के कैथून की भूरी बानो और बदरुन निशा ने बताया कि उनके 120 सदस्यीय महिला समूह को फैब जैसी बड़ी कंपनियों के ऑर्डर मिल रहे हैं। शनिवार को राजस्थान डेयरी के अध्यक्ष एवं प्रबंध निदेशक डॉ. ओ.पी. सैनी, रुडा के सीएमडी अशोक जैन, पश्चिम बंगाल के मुख्य सचिव एएफ चक्रवर्ती, राष्ट्रीय रक्षा कॉलेज के निदेशक डॉ. विश्वास मेहता सहित कई अधिकारियों ने मंडल का अवलोकन किया।
भास्कर समूह छाया
राजस्थान के पैवेलियन में भास्कर समूह छा रहा है। यहां देश के नंबर एक अखबार समूह के बारे में जानने को लेकर काफी उत्साह है। यहां समूह के समस्त पब्लिकेशन को प्रदर्शित किया गया है। कॉपी टेबल बुक को लेकर भी काफी जिज्ञासा है और इसकी खूब मांग है।










