प्राचीन शिव मंदिर में की तोड़फोड़
पानीपत. शहर के सबसे प्राचीन देवी मंदिर के प्रांगण में बीचोंबीच स्थित शिव मंदिर को शनिवार को तोड़ दिया गया। जीर्णोधार कराने के नाम पर तोड़े गए मंदिर से शिव परिवार और हनुमानजी की मूर्तियां भी गायब हैं। मंदिर समिति मूर्तियांे को विसर्जित करने की बात कह रही है।
शहर के ऐतिहासिक और सिद्ध श्री प्राचीन देवी मंदिर में शनिवार दोपहर बाद शिव मंदिर की तोड़—फोड़ का कार्य शुरू किया गया और शाम तक मंदिर की जगह प्लेन कर दी गई। मंदिर की देखरेख कर रहे प्रह्लाद बंसल ने बताया कि मंदिर बहुत पुराना हो गया था।
मंदिर का जीर्णोद्धार करने के लिए शिव मंदिर को तोड़ा गया है। इसकी क्षति—पूर्ति के लिए दूसरा मंदिर पहले से ही बना दिया गया है। प्राचीन मूर्तियों के विषय में पूछने पर श्री बंसल ने कहते हैं कि प्राचीन मूर्तियां खंडित हो गई थीं, इसलिए उन्हें शुक्रवार को विसर्जित कर दिया गया है।
पर्दे लगाकर की गई तोड़-फोड़
शिव मंदिर की तोड़—फोड़ शुरू करने से पहले मंदिर के दोनों मुख्य द्वार बंद कर दिए गए। इसके अलावा मंदिर के बड़े दरवाजे पर परदे भी टांग दिए गए।
नाम का रह गया ऐतिहासिक
ऐतिहासिक देवी मंदिर केवल नाम का ही ऐतिहासिक रह गया है। जीर्णोद्धार के नाम पर पूरे देवी मंदिर का स्वरूप बदल दिया गया है। प्राचीन देवी मंदिर की सभी निशानियां बदल दी गई हैं। अधिकांश प्राचीन मूर्तियों की जगह नई मूर्तियां रख दी गई हैं। दो साल पहले भी देवी मंदिर का ऐतिहासिक दरवाजा तोड़कर नए सिरे से बनाया गया था। इसके अलावा मंदिर में प्रवेश करने के लिए दो नए दरवाजे भी बनाए गए थे।
समाप्त होती है सिद्धता
देवी मंदिर में सिद्ध शिवलिंग को खंडित बता कर विसर्जित करना गलत है। इस बारे में शहर के आचार्यो ने नाम न छापने की शर्त पर बताया कि इस तरह से सिद्ध मूर्तियों की जगह से छेड़छाड़ करने से मंदिर की सिद्धता समाप्त हो जाती है। शास्त्रों में मूर्ति की प्राण प्रतिष्ठा के साथ छेड़छाड़ करना बहुत बड़ा अपराध बताया गया है।
देवी मंदिर प्राचीन मंदिर है, सिर्फ देवी की मूर्ति प्राचीन है ।बाकी सभी मंदिर बाद में बनाए गए हैं। शिव मंदिर तोड़ने का फैसला बहुत पुराना है। जनरल बॉडी की मीटिंग में यह फैसला लिया गया था। मंदिर का निर्माण कार्य प्रधान पवन गर्ग को सौंपा गया है। - वीन बंसल, सचिव, अग्रवाल वैश्य पंचायत










