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Sunday, Nov 22nd, 2009, 11:29 pm [IST]  

danik bhaskarपर्यटन के क्षेत्र में आएगी क्रांति

विकास बत्तान & कुरुक्षेत्र

यंू तो भारत में पुरातात्विक स्थलों की बयार है लेकिन वल्र्ड हेरिटेज लिस्ट में इनकी संख्या काफी कम है। जिसके चलते विश्व पर्यटन के क्षेत्र में भारत का स्थान भी काफी पीछे है।

इसी पर चर्चा करते हुए भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण के महानिदेशक केएम श्रीवास्तव ने कहा कि चीन के पुरातात्विक स्थलों से उसकी कुल कमाई का एक बड़ा हिस्सा पर्यटन से आता है। इस तरह जहां पुरातात्विक स्थलों से अन्य देश आर्थिक तरक्की का मार्ग प्रशस्त कर रहे हैं वहीं भारत इस मामले में अभी प्रयासरत है। लेकिन अब भारत अपने पुरातात्विक स्थलों की बदौलत ही विश्व फलक पर अपनी पहचान स्थापित करेगा।

इसके लिए केएम श्रीवास्तव से दैनिक भास्कर ने की खास बातचीत: सूची के लिए शोध जरूरी केएम श्रीवास्तव ने कहा कि इस सूची में स्थान अंकित कराने के लिए पुरातात्विक स्थलों को वैज्ञानिक कसौटी पर खरा उतरना पड़ता है। उन्होंने कहा कि पुरातत्व में शोध के लिए भारत सरकार की ओर से शोधार्थियों को प्रोत्साहन मिलेगा।

इसके अलावा उन्होंने सबसे पुरानी सिंधु घाटी सभ्यता, मोहनजोदड़ों और हड़प्पा कालीन पुरातात्विक स्थलों को भी उभारने पर विशेष जोर दिया। केएम श्रीवास्तव का मानना है कि भारतीय लोग अपनी सांस्कृतिक धरोहर को वैज्ञानिक तरीके से प्रमाणित करने के मामले में पीछे रहे हैं। इसलिए विकसित देश अपने स्थलों को वल्र्ड हेरिटेज की सूची में अधिक कामयाब भी साबित हुए। श्रीवास्तव ने स्पष्टï किया कि अगर सांस्कृतिक धरोहर को संजोकर उसपर विस्तृत अध्ययन कर विश्व के सामने प्रस्तुत किया जाए तो विश्वभर के लोगों के लिए भारत से अधिक पुरातात्विक स्थल कहीं ओर नहीं हो सकते। जरूरत है तो बस उन्हें खोजने और शोध करने की।

विश्व फलक पर लाएंगे

भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण के महानिदेशक केएम श्रीवास्तव ने कहा कि भारत के पुरातात्विक स्थलों को वल्र्ड हेरिटेज सूची मेें शामिल कराने के लिए अब नए सिरे से प्रयास किए जाएंगे। जिससे पुरातात्विक स्थलों को सरंक्षण तो मिलेगा ही साथ में देश में पर्यटन का कारोबार बढऩे से नौकरियों की तादाद भी बढ़ेगी। केएम श्रीवास्तव ने इसके लिए व्यापक योजना बताते हुए कहा कि वल्र्ड हेरिटेज सूची से पहले टेंटरेटिव लिस्ट में स्थलों को नामांकित करवाना पड़ता है। उन्होंने बताया कि टेंटरेटिव लिस्ट में इस बार उनके पास भारत भर से १०० प्रस्ताव आए हैं। श्रीवास्तव ने कहा कि यह पहली बार है कि जब इस सूची के लिए इतने प्रस्ताव आए हैं। अब इन्हें बेहतर तरीके से तराशकर टेंटरेटिव लिस्ट के लिए भेजा जाएगा। इसके बाद वह स्थल वल्र्ड हेरिटेज सूची में स्थान पाता है। केएम श्रीवास्तव ने बताया कि यूनेस्को की इस सूची में भारत जहां अब तक २७ पुरातत्व स्थलों को स्थान दिलाने में कामयाब रहा है वहीं छोटे से देश स्पेन की संख्या ४० है।

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