साहसी ग्रामीणों ने पकड़ा मगरमच्छ
कुरुक्षेत्र& गांव दबखेड़ी के पास बने सेफन से दूसरा मगरमच्छ पकड़े जाने पर ग्रामीणों द्वारा काफी समय से वहां कई मगरमच्छ होने की बात आज उस समय सही साबित हो गई जब एक मगरमच्छ को ग्रामीणों ने पकड़ लिया। गौरतलब है कि गांव में इसी स्थान पर अब तक दो मगमच्छ पकड़े गए हैं। सेफन के पास से ही सात नंवबर को पहला मगरमच्छ पकड़ा गया था और दूसरा मगरमच्छ आज वन्य प्राणी विभाग ने ग्रामीणों की मदद से पकड़ा। विभाग की ओर से मगरमच्छ को गांव भौर सैयदां के मगरमच्छ प्रजनन केंद्र में छोड़ दिया गया है।
पिछले काफी समय से ग्रामीण बार-बार मगरमच्छों की ओर से अपने पशुओं पर हमला करने और चोट पहुंचाने की बात कह रहे थे। कई बार अधिकारियों ने उनकी बात को अनसुना किया तो कई बार मौके पर जाकर भी देखा। लेकिन मौके पर वहां कुछ न मिलने से अधिकारी वापस लौट जाते थे। रविवार को सुबह भी विभाग के अधिकारी सेफन के पास मगरमच्छ की तलाश में पहुंचे। पानी में कुछ हलचल होने पर ग्रामीण प्रगट सिंह, बल्लू, गुरदेव व रिंकू ने मगरमच्छ को पकड़ा और विभागीय अधिकारियों के हवाले किया। ग्रामीणों ने बताया यहां पर कई मगरमच्छ रहते हैं जो पानी के पास चरने आए उनके पशुओं को घायल कर देते हैं। उन्होंने प्रशासन से सभी मगरमच्छों को पकडऩे की मांग की है। जिससे उनके पशुओं पर छाए खतरे को हमेशा के लिए दूर किया जा सके।
यह कहते हैं अधिकारी
वन्य प्राणी विभाग के निरीक्षक रामकरण ने बताया कि मगरमच्छ को गांव भौर सैयदां के मगरमच्छ प्रजनन केंद्र में छोड़ दिया गया है। ग्रामीणों की शिकायत पर वह मगरमच्छों की तलाश में लगे हुए हैं। इसके लिए विभाग ने स्पेशल मगरमच्छ पकडऩे वाला जाल भी बनाया है।
पहले पकड़े मगरमच्छ की मौत
इससे पहले भी गांव भौर सैयदां के पास एक मगरमच्छ पकड़ा गया था। विभाग की ओर से उसे भी पकड़ कर प्रजनन केंद्र में छोड़ा गया था। 18 नवंबर को वह मरा हुआ पाया गया। विभाग के निरीक्षक रामकरण ने बताया कि उसी दिन से उसकी कुछ तबीयत खराब चल रही थी। वह पानी में भी नहीं जा रहा था और कुछ खा-पी भी नहीं रहा था। लगभग सप्ताह भर पहले वहीं से एक सांभर भी पकड़ा गया था उसकी भी मौत हो गई थी।










