करोड़ों की जमीन अतिक्रमण की जद में
भास्कर न्यूज & सांकड़ा
कस्बे में दिनों दिन अतिक्रमण बढ़ रहे है। जिससे कस्बे वासी खासे परेशान नजर आ रहे है। भू माफियाओं द्वारा ओरण व गोचर भूमि को भी नहीं छोड़ा जा रहा है। जहां देखों वही अतिक्रमण नजर आ रहे है। वर्तमान समय में कस्बे के उत्तरी भाग में खाली पड़ी ओरण भूमि पर अतिक्रमण किए जा रहे। अतिक्रमणों की अधिकता के कारण गांव की ओरण भूमि लगभग समाप्त होती जा रही है। पिछले आठ - दस माह में अतिक्रमणों में भरमार आ गई है।
ओरण भूमि में जगह-जगह रोडे- पट्टियां दिखाई देने लगी है। कई स्थानों पर तो भू माफियाओं द्वारा पक्की नींव खोद कर निर्माण कार्य भी प्रारंभ करवा दिया है। कस्बे से बाहर निकलते ही गोचर भूमि पर अतिक्रमण ही दिखाई दे रहे है। यहां तक कि पशु चिकित्सालय के चारों और की चार दीवारी का काम रूकवा कर , चिकित्सालय के आगे पट्टियां लगवाकर अतिक्रमण कर लिया गया है।
6 किमी की परिधि में किया जा रहा है अतिक्रमण : मुख्य कस्बे के बाहर खाली पड़ी आेरण भूमि जो सनावडा रोड़ से लेकर उसके दोनों तरफ, मल्लीनाथ मंदिर के पास से लेकर करीब 6 किमी वर्ग किलो मीटर पर भू माफियाओं द्वारा अतिक्रमण किया जा रहा है। साथ ही कस्बे के उत्तरी भाग में खाली पड़ी गोचर भूमि पर सनावड़ा रोड़ पर पशु चिकित्सालय की चार दिवारी के आगे। शमशाम भूमि के चारों तरफ, मेहराज री तलाई के तीनों ओर, डाडेरी तलाई के पीछे, रूपरी तलाई के आगोर में भी अतिक्रमण किए जा रहे है। इस तरह से लगभग कस्बे की छह किमी की परिधी में खाली पड़ी जमीन पर हो रहे है अतिक्रमण
करोड़ों की जमीन : कस्बे की छह किमी की परिधी की भूमि ग्राम पंचायत के तहत आती है। राजस्व विभाग के हिसाब से भूमि का मूल्य करोड़ों रूपए है जो अतिक्रमित की जा रही है। अवैध तरीके से अतिक्रमण कर भू माफियाओं द्वारा ग्राम पंचायत को करोड़ो का चूना लगाया जा रहा है। यह सब होते हुए भी प्रशासन और ग्राम पंचायत आंख मूंदे हुए। समय रहते अतिक्रमणकारियों पर कोई कार्रवाई नहीं की गई तो ग्राम पंचायत को करोड़ो का नुकसान हो सकता है।
ञ्चगांव की गोचर भूमि पर भू माफियाओं द्वारा अतिक्रमण किए जा रहे है। रात के समय ट्रोलियों में पत्थर व पट्टियां डाल कर अंधाधुंध अतिक्रमण किए जा रहे है। करोड़ों की जमीन भू माफिया निगलने की फिराक में है।
कानसिंह राठौड़, ग्रामीण
ञ्च कस्बे की ओरण भूमि पर जहां भी खाली जमीन मिलती है वहीं पर पत्थर डाल कर अतिक्रमण किया जा रहा है। अतिक्रमणों के कारण गोचर भूमि समाप्त हो रही है। भूमाफियाओं के आगे ग्राम पंचायत व प्रशासन दोनों लाचार नजर आ रहे है।
रतनसिंह पोकरणा, ग्रामीण
ञ्चमुझे इस संबंध में जानकारी नहीं है। इस बारे में अभी ज्यादा कुछ नहीं बता सकता हॅूं। इस संबंध में जानकारी मिलते ही उचित कार्रवाई की जाएगी।
बिहारीलाल बाकोलिया, तहसीलदार पोकरण










