ये रास्ते हैं मुश्किलों के
मोहाली. चंडीगढ़ से रोपड़ होकर जालंधर, अमृतसर, पठानकोट, जम्मू-कटरा जाने वाली बसें इन दिनों रोपड़ नहीं जा रही हैं। बल्कि इन बसों को खरड़ से समराला होकर नवांशहर भेजा जा रहा है।
इसका कारण रोपड़ के सतलुज दरिया पर बनाए गए हैड वर्कस के 125 वर्ष से भी अधिक पुराने पुल की मरम्मत का चलना है। आजकल पुल को भारी वाहनों के लिए बंद किया हुआ है। इसी तरह चंडीगढ़ आने वाली बसें नवांशहर से समराला-मोरिंडा होकर आ रही हैं।
रोपड़ से चंडीगढ़, बलाचौर तथा चंडीगढ़ से रोपड़ की ओर जाने वाले यात्री पूरा दिन बस स्टॉप पर बसों का इंतजार करते रहते हैं।
चंडीगढ़ के सेक्टर-43 बस स्टैंड पर बस न मिलने के कारण रोपड़ जाने वाले भट्ठा साहिब निवासी गुरमीत सिंह, कुराली निवासी जसपाल सिंह, रोपड़ निवासी सेामनाथ ने बताया कि उन्हें रोपड़ के लिए बस नहीं मिली।
सभी एक ही जवाब दे रहे थे कि बसें खरड़ से मोरिंडा होकर जाएंगी। जिस कारण वह हिमाचल की बसों के चालकों से मिन्नतें करते रहे, लेकिन कोई हल न निकलने के कारण उन्हें रात बस स्टैंड पर ही काटनी पड़ रही है। दिन के समय सिंडीकेट, लोकल रोडवेज एवं सीटीयू की लोकल बसों की सेवा रोपड़ तक मिलती है।
सूचना बोर्ड लगाए
पीडब्ल्यूडी विभाग की ओर से भारी वाहनों को रोपड़ आने से रोकने के लिए कुराली के मोरिंडा रोड तथा खरड़ के खानपुर चौक पर सूचना बोर्ड लगाए गए हैं, जिन पर लिखा गया है कि नवांशहर, जालंधर, अमृतसर जाने वाले वाहन रोपड़ की बजाय मोरिंडा-समराला से राहों होते हुए नवांशहर के जरिए जाएं। रोपड़ में काम चलने के कारण पुल को बंद किया गया है।
पुल रिपेयर का लिया है जायजा
मुख्यमंत्री के सलाहकार (तकनीकी) बीएस धारीवाल ने हैडवर्क्स के पुल की रिपेयर के काम का जायजा लिया। धारीवाल ने काम की प्रगति समेत काम की गुणवत्ता को भी परखा।
इस मौके पर पीडब्ल्यूडी के एक्सईएन करनैल सिंह, एसडीओ कृपाल सिंह, पुल रिपेयर कर रही कंपनी मैसर्स अंकुश इंजीनियरिंग प्राइवेट लिमिटेड के प्रोजेक्ट इंचार्ज संजीव बातिश मौजूद थे। जिला प्रशासन के आदेश पर हैडवर्क्स के पुल पर से 6 नवंबर से लेकर 25 तक कुल 20 दिनों के लिए भारी वाहनों के लिए बंद किया गया है।
80 फीसदी काम पुरा:
दरिया सतलुज के हैडवर्क्स पुल की मरम्मत का 80 फीसदी काम पुरा हो गया है। रिपेयर के मद्देनजर पुल बंद किए जाने से यहां से गुजरने वाले हजारों लोगों को दिक्कतें आ रही हैं जबकि प्रशासन ने ट्रैफिक रूट डाईवर्ट करके तथा ट्रैफिक पुलिस के सहयोग से लोगों को दिक्कतें कुछ कम की हैं










