मुलाजिमों की नौकरी बहाल
पटियाला. जिले की विभिन्न बीड़ों से निकाले गए डेलीवेज मुलाजिमों को आखिरकार उनकी नौकरी मिल ही गई। गौर हो कि जंगली जीव विभाग की ओर से बीड़ों से डेलीवेज मुलाजिमों को हटाने से प्रभावित हो रही व्यवस्थाओं को ‘दैनिक भास्कर’ द्वारा प्रमुखता से प्रकाशित खबरों को संज्ञान लेते हुए विभाग ने ये फैसला किया था।
यही नहीं भास्कर टीम ने संबंधित बीड़ों का दौरा कर लकड़ी चोरी व पशु पक्षियों के प्यास से तड़पने की स्थिति का खुलासा किया था। जिसके चलते जंगली जीव विभाग के उच्च अधिकारियों में भगदड़ मच गई थी।
उक्त समस्याओं को पहल के आधार पर हल करते हुए चीफ वार्डन वाइल्ड लाइफ आरके लूना व प्रिंसिपल चीफ कंजरवेटर बीसी बाला के नेतृत्व में मुलाजिम जत्थेबंदियों की मीटिंग बुधवार को बुलाई गई थी। उक्त मीटिंग के दौरान ही पिछले 13 दिनों से भूख हड़ताल पर बैठे मुलाजिमों की मांगो को हल करते हुए उन्हें नौकरी पर जाने की हरी झंडी दे दी।
नौकरी ही नहीं रुका हुआ वेतन भी मिलेगा: गौर हो कि पटियाला जिले के अंतगर्त आती बीड़ों से वाच एंड वार्ड का काम करने वाले मुलाजिमों को हटाए जाने से बीड़ों की व्यवस्था बुरी तरह से प्रभावित हो रही थी। जिसका फायदा उठाते हुए बीड़ों के आसपास के गांव वासी सरेआम लकड़ियां चोरी को अंजाम दे रहे थे व विभागीय अधिकारी उसपर अंकुश लगाने में सफल नहीं हो पा रहे थे।
ऐसे ही समस्याओं पर विचार विमर्श करते हुए मुलाजिम जत्थेबंदी व उच्च अधिकारियों की कई घंटे मीटिंग चली। मीटिंग के दौरान ही पटियाला जिले के डेलीवेज मुलाजिमों व हरीके पत्तन के डेलीवेज मुलाजिमों को फिर से नौकरी पर रखने का फैसला लिया गया।
दोबारा नौकरी पर रखे गए मुलाजिमों की संख्या करीब 65 है, जिनमें से कुछ मुलाजिम वन विभाग व कुछ हरीके पत्तन के हैं। इसके अलावा मुलाजिम नेताओं को आश्वासन दिया है कि भविष्य में यदि बजट की कमी अथवा किसी प्रकार की अन्य समस्या आती है तो सिनयोरिटी लिस्ट के आधार पर सबसे निचले स्तर के मुलाजिम को नौकरी से रिलीव किया जाएगा।
समस्या हल होने पर उक्त मुलाजिम को पहल के आधार पर बुलाया भी जाएगा। रुके हुए वेतन को लेकर भी मीटिंग में काफी विचार विमर्श के बाद तुरंत वेतन लागू करने का फैसला लिया गया है।










