रुचिका यौन उत्पीड़न में दोषी हरियाणा के पूर्व डीजीपी एसपीएस राठौर के खिलाफ दर्ज दो एफआईआर के मद्देनजर अग्रिम जमानत के लिए किए गए आवेदन पर फैसला देते हुए पंचकूला की कोर्ट ने उनकी अग्रिम जमानत की अर्जी खारिज कर दी है।
गौरतलब है कि कल दोनों पक्षों के वकीलों की जिरह सुनने के बाद अतिरिक्त जिला एवं सेशन जज संजीव जिंदल ने राठौर की जमानत याचिका पर अपना फैसला एक दिन के लिए टाल दिया था। राठौर के खिलाफ दर्ज दो नई एफआईआर में हत्या की कोशिश, अवैध रूप से बंदी रखने तथा पोस्टमार्टम रिपोर्ट में छेड़छाड़ करने के आरोप लगाए गए हैं।
कोर्ट के सामने राठौर की वकील आभा ने कहा कि 29 दिसंबर को दर्ज दोनों एफआईआर झूठे हैं तथा उन्हें मीडिया के दबाव में दर्ज किया गया है। राठौर को मीडिया के हो-हल्ले के कारण निशाना बनाया जा रहा है। बहस के दौरान जज ने सरकारी वकील की तब खिंचाई की, जब उन्होंने इस मामले में सबूत एकत्रित करने के लिए और तीन हफ्ते का समय मांगा।
प्रिंसिपल को दिया सम्मान वापस लिया जाएगा
रुचिका गिरहोत्रा केस में यहां सेक्टर 26 में स्थित सेक्रेड हार्ट स्कूल भी घिरता जा रहा है। एसडीएम (साउथ) प्रेरणा पुरी ने गुरुवार को वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारियों को सौंपी अपनी जांच रिपोर्ट में कहा है कि रुचिका को किसी बाहरी दबाव के कारण फीस जमा नहीं कराने के आरोप में स्कूल से निकाला गया था। यह बाहरी दबाव एसपीएस राठौर का भी हो सकता है। सभी पक्षों से बातचीत के बाद तैयार इस रिपोर्ट में हर बात को उदाहरण के साथ समझाया गया है। इसके मुताबिक, वर्ष 1990 में स्कूल की प्रिंसिपल रहीं सिस्टर सेबेस्टिना को 2005 में शिक्षा के क्षेत्र में विशेष योगदान के लिए दिया गया मैडल वापस लिया जा सकता है।



