हरियाणा के पूर्व डीजीपी एसपीएस राठौर की मुश्किलें बढ़ गई हैं। सेशन कोर्ट ने रूचिका केस में राठौर की अग्रिम जमानत अर्जी खारिज कर दी है। इसी के साथ ही राठौर को गिरफ्तार करने के लिए राज्य सरकार पर दबाव बढ़ गया है। शुक्रवार को अतिरिक्त सत्र न्यायधीश संजीव जिंदल की कोर्ट ने राठौर के खिलाफ बीते 29 दिसंबर को रुचिका के भाई आशु व पिता सुभाष गिरोत्रा द्वारा दर्ज कराई गई दो एफआईआर नंबर 573 व 574 के एवज में गिरफ्तारी से बचने के लिए दी गई अग्रिम जमानत को आगे बढ़ाने से इंकार कर दिया है।
जब यह फैसला आया उस वक्त न तो राठौर और न ही उनकी वकील पत्नी आभा कोर्ट में मौजूद थीं। रूचिका के परिजनों के वकील पंकज भारद्वाज और रूचिका केस लड़ रहे आनंद प्रकाश कोर्ट में मौजूद थे। गौरतलब है कि एसपीएस राठौर को सेशन जज एसपी सिंह ने बीते 1 जनवरी को छह दिन के लिए जमानत दी थी और इसे आगे बढ़ाने के लिए राठौर की वकील पत्नी आभा ने वीरवार को संजीव जिंदल की कोर्ट में अपना पक्ष रखा था।
दूसरी तरफ जमानत न बढ़ाए जाने के लिए रूचिका के परिजनों के वकील पंकज भारद्वाज ने भी कोर्ट के सामने कई दलीलें पेश की थीं। जज ने दोनों पक्षों को सुनने के बाद जजमेंट शुक्रवार के लिए रिजर्व रख ली थी। आज सुबह कोर्ट ने बताया था कि राठौर की जमानत अर्जी पर फैसला दोपहर 3 बजे सुनाया जाएगा।
सेवा सिंह को भी नहीं मिली जमानत
संजीव जिंदल की कोर्ट ने एफआईआर नंबर 573 व 574 में राठौर के साथ सह आरोपी एएसआई सेवा सिंह की अग्रिम जमानत की अर्जी भी खारिज कर दी है। सेवा सिंह इनदिनों पिंजौर पुलिस थाने में बतौर एडीशनल एसएचओ तैनात हैं। उन्हें जमानत दिलाने के लिए उनके वकील अजय जैन ने वीरवार को कोर्ट केसामने कई दलीलें पेश की थीं।
राठौर को गिरफ्तार करने का दबाव बढ़ा
रूचिका के परिजनों के वकील पंकज भारद्वाज ने कहा है कि संजीव जिंदल की कोर्ट द्वारा राठौर व सेवा सिंह की दोनों एफआईआर में जमानत अर्जियां खारिज किए जाना भी रूचिका को इंसाफ दिलाने की दिशा में एक जीत के समान ही है। अब राज्य सरकार व पुलिस को चाहिए कि राठौर को तुरंत गिरफ्तार करे ताकि हिरासत में पूछताछ के बाद सच सामने आ सके। उन्होंने कहा कि अगर राठौर को अभी भी गिरफ्तार न किया गया तो वे इसके लिए मुख्यमंत्री से मिलेंगे और हाईकोर्ट में भी जाएंगे। उधर, सेवा सिंह के वकील अजय जैन ने कहा कि वे सेशन कोर्ट के फैसले को हाईकोर्ठ में चुनौती देंगे।
राठौर पर दर्ज है 306 का केस भी
रूचिका के भाई आशु की शिकायत पर पंचकूला में राठौर पर 306, रूचिका को आत्महत्या के लिए उकसाने का केस भी बीते 5 जनवरी को दर्ज हो चुका है। इस केस में आईजी केपी सिंह भी सह आरोपी हैं। जिन दिनों रूचिका की मौत हुई केपी सिह अंबाला के एसपी थे। इनके अलावा कुछ और पुलिस कर्मी भी आरोपी हैं।



