झुंझुनूं. आबकारी पुलिस दल को गलत सूचना पर दबिश देना महंगा पड़ गया। सरपंच के घर में पुलिस घुसने की खबर पर गांव के लोग एकत्रित हो गए और दल को घेर लिया। पुलिस अधिकारियों ने अपनी गलती मानकर ग्रामीणों से पीछा छुड़वाया। हुआ यूं कि आबूसर की सरपंच रजनी झाझड़िया के मकान पर शुक्रवार शाम करीब पांच बजे आबकारी पुलिस ने दबिश दी।
आबकारी पुलिस के सहायक निदेशक मामचंद के नेतृत्व में गए पुलिस दल ने पहले तो आबूसर का बास स्थित सरपंच की पुरानी हवेली में धावा बोला। बाद में पूरा जाब्ता पड़ौस में स्थित नए मकान में घुस गया। पुलिस वालों ने घर का सारा सामान इधर-उधर बिखेर दिया।
सरपंच की सास नारायणी देवी (70) घर में अकेली थी, जो पुलिस को यूं आते देख घबरा गई। उसने अपने पुत्रों को मोबाइल से सूचना भिजवाई। पुलिस के अचानक आने की सूचना पाकर ग्रामीण सरपंच के घर इकट्ठा हो गए तथा उन्होंने आबकारी दल को घेर लिया।
थोड़ी देर में सरपंच पति नेमीचंद व उसके भाई भी घर पहुंच गए। उधर, सदर थानाधिकारी भंवरलाल बिजारणिया पुलिस दल को घेरने की सूचना पर मौके पर पहुंचे। ग्रामीणों ने आबकारी दल द्वारा की गई इस तरह की कार्रवाई पर रोष जताया। सरपंच पति ने आबकारी इंचार्ज के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज करानी चाही।
आबकारी इंचार्ज ने ग्रामीणों के सामने अपनी गलती मानी और कहा कि गलत सूचना की वजह से ऐसा हुआ है। सदर थानाधिकारी के समझाने के बाद गांववाले मान गए और आबकारी दल को वहां से जाने दिया। करीब दो घंटे चले इस घटनाक्रम में सरपंच के घर पूरा गांव एकत्रित हो गया।










