भोपाल. यह बोर्ड परीक्षाओं के परिणाम सुधारने के लिए शिक्षा विभाग की ही कवायद है कि शिक्षकों को पंचायत चुनाव ड्यूटी से मुक्त रखा गया है। इसके बावजूद शिक्षक हैं कि स्कूल पहुंचने की लेटलतीफी से बाज नहीं आ रहे।
मप्र माध्यमिक शिक्षा मंडल की हायर सेकंडरी और हाईस्कूल परीक्षा के मद्देनजर राजधानी के सरकारी शिक्षकों को पंचायत चुनाव ड्यूटी से मुक्त रखा गया है। फिर भी स्कूलों में पढ़ाई चौपट हो रही है। न तो सुधारात्मक कक्षाएं शुरू हुई हैं और न ही शिक्षक समय पर स्कूल पहुंच रहे हैं। पिछले दस दिनों में ऐसे डेढ़ सौ से अधिक शिक्षकों के खिलाफ अधिकारियों ने कार्रवाई की है, फिर भी स्थिति में सुधार नहीं है। शुक्रवार को सूर्यग्रहण की वजह से शहर के सरकारी स्कूलों में 60 फीसदी स्टाफ नहीं पहुंचा।
१क्वीं और 12वीं का परीक्षा परिणाम सुधारने के स्कूल शिक्षा विभाग के प्रयास थोथे साबित हो रहे हैं। एक से दस जनवरी तक स्कूलों का निरीक्षण करने के बाद पढ़ाई की स्थिति साफ हो गई है पर निरीक्षण के सकारात्मक परिणाम सामने नहीं आ रहे हैं। पदोन्नति रोकने, एक दिन का वेतन काटने जैसे दंड से शिक्षकों की सेहत पर कोई फर्क नहीं पड़ रहा है और वे आदत के मुताबिक स्कूलों में देरी से ही पहुंच रहे हैं।
रोज हुई कार्रवाई: भोपाल संभाग के संयुक्त संचालक और जिला शिक्षा अधिकारी के आधा दर्जन निरीक्षण दलों के अलावा शैक्षिक अभ्युत्थान कार्यक्रम के राज्य अकादमिक समन्वयक ने भी स्कूलों का निरीक्षण किया पर शिक्षक रोज गैरहाजिर मिले। साथ ही सुबह फोन पर उपस्थिति लेने की व्यवस्था भी कारगर साबित नहीं हुई। संभाग और जिला स्तर पर यह व्यवस्था शुरू की गई है कि सुबह प्राचार्य संयुक्त संचालक और जिला शिक्षा कार्यालय में फोन लगाकर शिक्षकों और स्वयं की उपस्थिति से अधिकारियों को अवगत कराएं। वहीं इनकार्यालयों से प्राचार्यो को भी फोन लगाया गया है।
सुधारात्मक कक्षाएं नहीं हुईं शुरू: अधिकारियों ने पढ़ाई में कमजोर छात्रों के लिए रविवार को विशेष कक्षाएं लगाने के निर्देश जरूर दिए हैं लेकिन लिखित निर्देश प्राप्त न होने के कारण स्कूलों में कक्षाएं शुरू नहीं हुई हैं।
बीमा कर्मचारियों की नहीं लगेगी ड्यूटी: पंचायत चुनाव में भारतीय जीवन बीमा निगम के कर्मचारियों की डच्यूटी उनकी इच्छा के खिलाफ नहीं लगाई जा सकती। कर्मचारियों द्वारा लगाई गई याचिका पर सुनवाई के बाद मप्र हाईकोर्ट ने इस आशय का आदेश जारी किया है।
सोमवार को प्रभावित होगी पढ़ाई : सीबीएसई से संबद्ध स्कूलों में सोमवार को पढ़ाई प्रभावित रहेगी। स्कूल बसें पंचायत चुनाव में लगने के कारण बच्चों को स्कूल छोड़ने की जिम्मेदारी अभिभावकों को ही संभालनी होगी। पंचायत चुनाव के लिए शनिवार को 59 स्कूल, कॉलेज बसों का अधिग्रहण किया गया है।
30 से 45 फीसदी उपस्थिति : संक्रांति के बाद शहर के सरकारी स्कूलों में विद्यार्थियों की उपस्थिति नगण्य है। संक्रांति को पर्व के कारण और शुक्रवार को सूर्यग्रहण के कारण स्कूलों में विद्यार्थियों की उपस्थिति 15 से 25 फीसदी रही। दोनों दिन शिक्षक भी गोल मारने में पीछे नहीं रहे। हालांकि उन्होंने इसके निशां भी नहीं छोड़े हैं। बाकायदा सभी ने हस्ताक्षर किए हैं, ताकि सबूत न रहे।
उधर रविवार के अवकाश को देखते हुए बच्चों ने शनिवार को भी छुट्टी मना ली। शनिवार को कमला नेहरू हायर सेकंडरी स्कूल में 30 और नवीन कन्या हायर सेकंडरी स्कूल में 37 फीसदी उपस्थिति रही। साथ ही सरोजनी नायडू हायर सेकंडरी, नवीन सुभाष हायर सेकंडरी सहित मिडिल और प्राइमरी स्कूलों में भी उपस्थिति प्रभावित रही।
इतनी बसों का अधिग्रहण: इंटरनेशनल पब्लिक स्कूल की तीन, मदर टेरेसा स्कूल की चार, ज्ञानगंगा अकादमी रतनपुर की दो, महर्षि विद्यामंदिर रतनपुर की पांच, ऑल सेंट सीनियर सेकंडरी स्कूल की पांच, बोनीफॉय स्कूल की एक, राधारमण इंस्टीटच्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी की सात, बंसल इंजीनियरिंग कॉलेज की पांच और एक्रोपॉलिस कॉलेज की चार बसों का अधिग्रहण किया गया है।
निरीक्षण के बाद प्राचार्य और शिक्षकों की उपस्थिति में सुधार आया है। कुछ जगह शिक्षक देरी से पहुंचते हैं, जिनका वाजिब कारण होता है। कारण नहीं बताने पर कार्रवाई की जा रही है। फिलहाल निरीक्षण जारी है।-राजीव सिंह तोमर, डीईओ











