इंदौर. शहर के विस्तार के साथ कई कॉलोनियों के लोग पंच, सरपंच, जनपद और जिला पंचायत के लिए इस बार मतदान करेंगे। ऐसा सिर्फ इसलिए कि ये कॉलोनियां अभी भी पंचायत सीमा में आती हैं। छोटा बांगड़दा में तो 23 हजार में से 20 हजार शहरी मतदाता हैं। कई पंचायतों में यह स्थिति है।
जैसे-जैसे पंचायत चुनाव नजदीक आ रहे हैं, प्रत्याशियों का प्रचार तेज हो गया है। कई ग्राम पंचायतें शहरी सीमा से जुड़ी हैं। इनमें से कुछ पंचायत तो शहरी कॉलोनियों के नाम से ही जानी जाने लगी हैं। ऐसे में ग्रामीण नेताओं, दोनों प्रमुख दलों और प्रत्याशियों का ध्यान गांव के साथ कॉलोनियों और टाउनशिप में रहने वाले मतदाताओं पर भी है। चुनावी हलचल पर एक रिपोर्ट-
चुनावी जमीं पर दो समंदर
यहां सरपंच पद पर दो समंदर आमने-सामने हैं। पहले कांग्रेस समर्थित समंदर पटेल तो दूसरे हैं भाजपा समर्थित समंदर¨सह पटेल (गंगाकोठी)। कुल ३५क्क् मतदाताओं की पंचायत में सरपंच के एक पद पर चार व पंच के 20 पदों के लिए ७३ प्रत्याशी मैदान में हैं। खंडवा रोड स्थित इस पंचायत में मात्र लिंबोदी ग्राम, मछली फार्म, छोटा पावर हाउस और भावनानगर जैसे पुराने क्षेत्र हैं।
नई कालोनी में रानीबाग, बृजनयनी कॉलोनी, कृष्ण एवेन्यू, शिवधाम, गंगाविहार, सांईबाग कालोनी और पीस पॉइंट जैसी विकसित टाउनशिप है। ग्राम पंचायत में मुकाबला कांग्रेस और भाजपा समर्थित प्रत्याशी के बीच मुख्य माना जा रहा है। हालांकि दो निर्दलीय प्रत्याशी भी ताकत से जुटे हैं। अन्य प्रत्याशियों में दशरथसिंह राठौर व मोहन कुशवाह हैं।
चार वर्तमान व दो पूर्व विधायकों की प्रतिष्ठा
प्रदेश की सबसे बड़ी ग्राम पंचायत छोटा बांगड़दा में 23 हजार मतदाताओं में सरपंच के लिए 23 तो 20 पंच के लिए ८क् से ज्यादा उम्मीदवार हैं। सरंपच के लिए कांग्रेस समर्थित सुबोध शुक्ला हैं जो विधायक सत्यनारायण पटेल समर्थक हैं।
विधायक सुदर्शन गुप्ता समर्थक जगदीशप्रसाद दीक्षित (बाबा) और पूर्व विधायक उषा ठाकुर समर्थक कुलदीप चौकसे भी मैदान में हैं। चौकसे को विधायक रमेश मैंदोला, जीतू जिराती का समर्थन है। पूर्व विधायक भल्लू यादव समर्थक रमेशचंद्र दुबे व अनिल मिश्रा भी मैदान में हैं। रहवासी प्रमोद द्विवेदी के अनुसार नगर पंचायत बनाने का मुद्दा यहां प्रमुख है।
पांच प्रत्याशियों में जंग
चार हजार मतदाताओं की इस ग्राम पंचायत में सरपंच पद के लिए आठ तो 20 पंच पदों के लिए ६क् से ज्यादा उम्मीदवार हैं। सरपंच के लिए कांग्रेस समर्थित चंद्रशेखर पाराशर हैं तो भाजपा समर्थित दिलीपसिंह पंवार। भाजपा के पूर्व विधायक मनोज पटेल, कांग्रेस विधायक तुलसी सिलावट और जिलाध्यक्ष हेमंत पाल की प्रतिष्ठा इस पंचायत से जुड़ी है। तीन अन्य प्रत्याशी प्रवीण चौबे, राजेंद्र सोलंकी और इंदरसिंह नाना हैं।
पिछले तीन चुनावों में भाजपा
सात हजार वोटर की यह पंचायत भाजपा का गढ़ मानी जाती है। ग्रामीण भाजपा नेता दिनेश मल्हार का गृहक्षेत्र होने के अलावा यहां से पिछले तीन चुनाव में भाजपा समर्थित सरपंच जीतते आ रहे हैं। सरपंच के लिए भाजपा से मोहन पटेल, कांग्रेस के कमल प्रजापत और तीसरे प्रत्याशी संजय जायसवाल हैं। १९ पंच के लिए ४क् उम्मीदवार हैं। एक पंच निर्विरोध चुना गया है। यहां श्रीरामनगर, समतानगर, भावनानगर जैसे शहरी क्षेत्र हैं।
अपनों में संघर्ष3500 मतदाताओं की इस पंचायत में दोनों ही पार्टी समर्थक प्रत्याशियों के सामने उनकी ही पार्टी के अन्य उम्मीदवार हैं। सरपंच पद पर भाजपा समर्थित प्रेम पहलवान के सामने कांग्रेस समर्थित शंकर वर्मा हैं। बागी के रूप में भाजपा से एक और कांग्रेस के दो अन्य प्रत्याशी हैं। पंच के २क् पदों में से तीन निर्विरोध चुने गए। बचे १७ के लिए ४५ उम्मीदवार मैदान में हैं। दूधिया के अलावा गांधीनगर और चूना भट्टी भी इसमें शामिल है।










