चंडीगढ़. पंजाब के राज्यपाल और चंडीगढ़ के प्रशासक शिवराज पाटिल ने कहा है कि विकास और खुशहाली के लिए वे पॉजीटिव रवैये से काम करेंगे और नेगेटिविटी की ओर ध्यान नहीं दिया जाएगा। उन्होंने कहा कि कोई भी फैसला लेने से पहले अफसरों, जन प्रतिनिधियों और लोगों को विश्वास में लिया जाएगा।
शुक्रवार को पंजाब राजभवन में शपथ लेने के बाद वे पत्रकारों से बातचीत कर रहे थे। पंजाब और हरियाणा हाईकोर्ट के चीफ जस्टिस मुकुल मुदगल ने उन्हें शपथ दिलाई। पाटिल ने कहा कि पंजाब और चंडीगढ़ में ऐसा प्रशासन देने की कोशिश करेंगे कि राज्य के सभी लोग गर्व महसूस करें। हर तरफ खुशहाली हो और सब लोग खुश दिखें। उन्होंने कहा, पंजाब और चंडीगढ़ के लोगों ने मेहनत व लगन के बल पर देश में ही नहीं पूरे विश्व में पहचान बनाई है। इस राज्य को और आगे ले जाना उनकी प्राथमिकता होगी। इस दौरान हरियाणा के राज्यपाल जगन्नाथ पहाड़िया, पंजाब के मुख्यमत्री प्रकाश सिंह बादल, हरियाणा के सीएम भूपिन्द्र सिंह हुड्डा, केंद्रीय सूचना एवं प्रसारण मंत्री अंबिका सोनी, पंजाब के कई मंत्री, हाईकोर्ट के जज भी मौजूद थे।
जाने से पहले एक घंटा पाटिल से मुलाकात
राजभवन से विदाई के बाद आमतौर पर राज्यपाल की गाड़ियों का काफिला घर के लिए रवाना हो जाता है, लेकिन रोड्रिग्स ने ऐसा नहीं किया। वे राजभवन से सीधा पंजाब भवन गए और वहां शपथ का इंतजार कर रहे शिवराज पाटिल से मिले। दोनों के बीच करीब एक घंटे तक बंद कमरे में बातचीत हुई। इस मीटिंग के बाद पाटिल खुद जनरल रोड्रिग्स को कार तक छोड़ने आए। जानकारों का कहना है कि रोड्रिग्स पाटिल के बुलावे पर पंजाब भवन गए थे। पाटिल ने उनसे मिलने की इच्छा जाहिर की थी। वैसे कोशिश यह भी हुई कि वीरवार को रोड्रिग्स के सम्मान में माउंटव्यू होटल में आयोजित पार्टी में पाटिल को भी न्यौता जाता, लेकिन ऐसा हो नहीं पाया।
रोड्रिग्स को विदाई
पंजाब राजभवन में शुक्रवार सुबह जनरल एसएफ रोड्रिग्स को विदाई दी गई। रोड्रिग्स ने कहा कि चंडीगढ़ में पांच साल के कार्यकाल के दौरान उन्हें विभिन्न योजनाओं को सिरे चढ़ा कर संतोष मिला। इन योजनाओं का लाभ चंडीगढ़ के बाशिंदों को लंबे समय तक मिलता रहेगा। रोड्रिग्स ने कहा कि हमारे पास शानदार टैलेंट और संसाधन हैं, बस इनके सही इस्तेमाल की जरूरत है। हमें एकजुट होकर देश की उन्नती के लिए काम करना होगा। इसके लिए सोच बदलनी होगी। हमारा भविष्य हमारे हाथ में है, बस यह देखना है कि सब मिलकर कैसे देश को आगे बढ़ा सकते हैं।










