चंडीगढ़. मुंबई हमले और विमान अपहरण जैसी घटनाओं को रोकने के लिए पंजाब सरकार नेशनल सिक्योरिटी गार्ड (एनएसजी) की तर्ज पर स्पेशल सिक्योरिटी ग्रुप (एसएसजी) बनाने जा रही है। गृह विभाग के इस आशय के प्रस्ताव को वीरवार को कैबिनेट ने मंजूरी दे दी। अगले चार महीनों में इन कमांडो को ट्रेनिंग देकर प्रदेश के प्रमुख शहरों में तैनात कर दिया जाएगा ताकि जरूरत पड़ने पर आसपास के जिलों में भी पहुंचकर त्वरित कार्रवाई शुरू की जा सके।
उपमुख्यमंत्री सुखबीर बादल ने इसे वित्तीय रिफार्म्स के बाद अकाली-भाजपा सरकार का दूसरा रिफार्म बताया है। उन्होंने कहा कि आजकल आतंकी खतरा बढ़ता जा रहा है। सीमावर्ती राज्य होने के कारण पंजाब वैसे भी संवेदनशील राज्य है। इसके अलावा हर शहर की अपनी अलग समस्याएं हैं। ऐसे में आतंकी हमलों और संगठित, साइबर व आर्थिक अपराध रोकने के लिए मौजूदा सिस्टम के अंदर एक वरिष्ठ अफसर के नेतृत्व में आधुनिक, कुशल और पेशेवर फोर्स की जरूरत महसूस की जा रही थी।
उन्होंने बताया कि स्पेशल सिक्योरिटी ग्रुप (एसएसजी) के जवानों को एनएसजी के कमांडो ट्रेनिंग देंगे। एसएसजी में कुल 700 जवान होंगे। इनका चयन हाल ही में पुलिस बटालियनों में भर्ती किए गए जवानों में से किया जाएगा। अगले तीन-चार महीनों में इस ग्रुप को ट्रेनिंग देकर खास जिलों में तैनात कर दिया जाएगा। इन कमांडो को अत्याधुनिक हथियार दिए जाएंगे। इन्हें बम डिफ्यूज करने की ट्रेनिंग भी दी जाएगी। अब तक इस काम के लिए सेना और पीएपी के दस्तों को बुलाना पड़ता है।
सुखबीर ने बताया कि इस ग्रुप के गठन का फैसला मुंबई हमले के बाद लिया गया है। इन कमांडो को हर तरह के संचार उपकरण भी उपलब्ध कराए जाएंगे। हथियारों और आधुनिक उपकरणों पर करीब 40 करोड़ रुपए खर्च होंगे।










