इंदौर. संजय गांधीनगर की एक 21 साल की युवती ने बुधवार दोपहर अपने घर में खुद को आग लगाकर खुदकुशी करने की कोशिश की। लपटों से घिरी युवती दरवाजा खोलकर सड़क पर आई, यह देख वहां खड़े लोगों ने पानी डालकर लपटें काबू में कीं।
शीतल पिता रमेश चोपड़ा के पड़ोस में रहने वाली लता सूर्यवंशी ने बताया दोपहर में शीतल घर में अकेली थी। खुद को आग लगाने के बाद दरवाजा खोलकर शीतल बाहर निकली। लोगों ने पानी डालकर आग बुझाई और पुलिस-फायर ब्रिगेड को सूचना दी। उसे एमवाय अस्पताल लेकर जाया गया।
डॉक्टर ने बताया युवती 90 प्रतिशत जल गई है। प्राथमिक जांच में पुलिस आग लगाने के कारणों का पता नहीं कर पाई है। युवती के पिता फुटपाथ पर दुकान लगाते हैं। उसकी मां धन्नोबाई और बड़े भाई राजेश की पहले मौत हो चुकी है। उसका छोटा भाई निक्ली आठवीं में पढ़ता है।
किचन जलकर खाक
युवती ने खुद को किचन में आग के हवाले किया। उससे निकली लपटों ने किचन को जलाकर राख कर दिया। लोग बाहर युवती की आग बुझा रहे थे और अंदर मकान से लपटें निकल रही थीं।
बचा लो, पुलिस को बता दूंगी क्यों लगाई आग
पड़ोस में रहने वाली लता ने बताया आग बुझाने के बाद लोगों ने शीतल से आग लगाने का कारण पूछा तो शीतल ने कहा कि तुम मुझे बचा लो, मैं पुलिस को बता दूंगी कि मैंने आग क्यों लगाई है। एमआईजी थाना टीआई मोहनसिंह यादव ने बताया युवती बेहोश है। प्रकरण दर्ज कर जांच की जा रही है।










