जयपुर। गैस कनेक्शन के साथ अब उपभोक्ता को चूल्हा, प्रेशर कुकर, आरओ जैसी वस्तुएं जबरन बेचने वाली गैस एजेंसियों पर कार्रवाई की जाएगी। यहां तक कि एजेंसी सिलेंडर के साथ चाय, चावल, चीनी और साबुन लेने के लिए भी उपभोक्ता को मजबूर नहीं कर सकेंगी। शिकायत मिलने पर संबंधित तेल कंपनी मार्केटिंग डिसिप्लेन नियमों के तहत एजेंसी पर कार्रवाई करेगी। इसके लिए जुर्माने से लेकर लाइसेंस निरस्त करने तक का प्रावधान है।
खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता मामले विभाग के राज्यमंत्री बाबूलाल नागर की अध्यक्षता में मंगलवार को हुई राज्य स्तरीय बैठक में तेल कंपनियों ने यह भरोसा दिलाया। नागर ने तेल कंपनियों से नए गैस कनेक्शन की दरें सभी एजेंसियों और कलेक्ट्रेट पर साइन बोर्ड लगाकर अंकित करने के निर्देश दिए। इससे पहले नागर ने तेल कंपनियों के अधिकारियों को लताड़ लगाई कि कई बार कहने और आश्वासन देने के बावजूद उपभोक्ताओं को कनेक्शन और सिलेंडर के साथ जबरन सामान बेचा जा रहा है। रिलायंस कंपनी द्वारा अपने सभी पेट्रोल पंपों को चालू नहीं करने को नागर ने गंभीरता से लिया और कहा कि यदि कंपनी इन्हें चालू नहीं कर सकती तो निरस्त कर देते हैं।
ज्यादातर बैकलॉग खत्म : तेल कंपनियों ने बताया कि भारत पेट्रोलियम को छोड़कर अन्य कंपनियों ने नए कनेक्शन और डीबीसी का बैकलॉग खत्म कर दिया है। भारत पेट्रोलियम के पास इस समय 15000 नए कनेक्शनों का और 10000 डीबीसी का बैकलॉग है। इसे मार्च तक पूरा कर दिया जाएगा। कंपनियों ने बताया कि रिफिल सिलेंडर जो पहले 55 से 60 दिन में मिल रहा था अब वह 33 दिन में मिलने लगा है।
सिलेंडर पर टोल फ्री नंबर : गैस एजेंसियों पर टेलीफोन नहीं उठाने की शिकायतों को देखते हुए तेल कंपनियों को निर्देश दिए गए कि वे सिलेंडरों पर अपना टोल फ्री नंबर अंकित करें।










